राहुल-सोनिया गांधी पर चार्जशीट के खिलाफ दिल्ली में भी हल्ला बोल, कांग्रेस ने केंद्र और ED के खिलाफ किया प्रदर्शन
National Herald Case: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड केस में ED की ओर से दाखिल चार्जशीट पर पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त गुस्सा है. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव की अगुवाई में हजारों कार्यकर्ता बुधवार (16 अप्रैल) को सड़कों पर उतरकर मोदी सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ हल्ला बोला.
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता नारे लगाते दिखे. हाथों में तख्तियों और जोश के साथ 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय से ED दफ्तर की ओर कूच करने की कोशिश की. दिल्ली पुलिस के आलाधिकारी की मौजूदगी में सैकड़ों की संख्या में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया.
देवेंद्र यादव ने गुस्से और जोश भरे अंदाज में कहा कि BJP और मोदी सरकार अगर ये सोचती है कि वो ED के दम पर राहुल गांधी और कांग्रेस को डरा लेगी, तो ये उनकी सबसे बड़ी भूल है. हमारा हर कार्यकर्ता अपने आप में राहुल गांधी है.
उन्होंने ये भी कहा कि हम संविधान की रक्षा के लिए हर चुनौती स्वीकार करने को तैयार हैं. उन्होंने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ED का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और देश के संघीय ढांचे को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है.
दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष ने खुलकर कहा कि ED सिर्फ मोदी और अमित शाह के इशारों पर नाच रही है. जब कोई विपक्षी नेता BJP में शामिल हो जाता है, तो ED के सारे केस हवा हो जाते हैं. ED का कन्विक्शन रेट सिर्फ 0.41% है, यानी ये बस विपक्ष को बदनाम करने का हथियार है. उन्होंने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों को जब्त करने को BJP का सुनियोजित अपराध करार दिया और इसे बदले की राजनीति का हिस्सा बताया.
प्रदेश अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता BJP की तानाशाही के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे. हम हर कदम पर राहुल गांधी के साथ खड़े हैं और सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करेंगे.
ED दफ्तर की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोकने की कोशिश की. देवेंद्र यादव सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया और जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन ले जाया गया. लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.