दिल्ली के बिंदापुर में दर्जनों दुकानें बंद, परेशान दुकानदारों का क्या है आरोप?
कई दुकानें बंद हो चुकी हैं और दर्जनों अस्थायी रूप से बंद होकर स्थायी रूप से बंद होने की कगार पर पहुंच चुके हैं. इसकी वजह है, सड़क के किनारे तोड़ा गया यह नाला. पुराने नाले को तोड़ कर नया नाला बनाने की बात कह कर इस नाले को तोड़ दिया गया था, लेकिन आज पांच महीने बीतने के बाद भी इसे नहीं बनाया गया है. बनाना तो दूर की बात है, तोड़ने के बाद उसे आज तक उसी अवस्था मे छोड़ दिया गया है, जो न केवल राहगीरों बल्कि स्थानीय लोगों और दुकानदारों के लिए भी परेशानी का सबब बना हुआ है.
एबीपी लाइव की टीम ने जब दुकानदारों से उनकी परेशानियों और उनके व्यापार के बारे में पूछा तो उनका दर्द और गुस्सा शब्दों के रूप में उनकी जुबां से निकल पड़ा. स्थानीय दुकानदार राकेश कुमार ने बताया कि, पांच महीनों से नाला ऐसी ही तोड़ कर छोड़ दिया गया है. इस कारण ग्राहक उनकी दुकानों तक नहीं आ रहे. कई दुकानें बंद पड़ी हैं, क्योंकि खरीदार नहीं अयते हैं. इतना ही नही, इस नाले की वजह से कितने लोगों की जान आफत में आ चुकी है. आये दिन बच्चे-बुजुर्ग, स्कूटी-रिक्शा इसमें गिरते रहते हैं. सड़क पर अक्सर इस कारण जाम लग जाता है और लोग साइड से निकलने के चक्कर में गिर पड़ते हैं. कई बार इसकी शिकायत सम्बंधित अधिकारी, विभागों, पार्षद और विधायक से की गई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला.
इतना ही नहीं, इस नाले की वजह से कितने लोगों की जान आफत में आ चुकी है. आये दिन बच्चे-बुजुर्ग, स्कूटी-रिक्शा इसमें गिरते रहते हैं. सड़क पर अक्सर इस कारण जाम लग जाता है और लोग साइड से निकलने के चक्कर में गिर पड़ते हैं. कई बार इसकी शिकायत सम्बंधित अधिकारी, विभागों, पार्षद और विधायक से की गई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला. मायूसी जाहिर करते हुये उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि बीजेपी सरकार व्व काम करेगी जो आप सरकार ने नहीं किया. लेकिन आज उन्हें लग रहा कि इससे अच्छी तो केजरीवाल सरकार ही थी.
वहीं, स्थानीय निवासी सोनू बंसल ने कहा कि, 18 साल से उनका ऑफिस यहां पर है और वे यहीं रह रहे हैं, लेकिन बीते छह महीनों से यहाँ की जो दुर्गति हुई है वह पहले कभी नहीं हुई थी. उन्होंने बताया कि, आधे किलोमीटर के इलाके में नाले टूटे पड़े हैं, जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा है. इस टूटे नाले की वजह से कई दुकानदार भी इसमें गुर कर घायल हो चुके हैं. कई दुकान बंद हैं, उन्होंने खुद अपना भी ऑफिस पिछले छह महीने से बंद रखा हुआ है. कोई भी जन प्रतिनिधि इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा. थक-हार कर जब उन्होंने विधायक पवन शर्मा से व्यक्तिगत तौर पर बात करी तो उन्हें आश्वासन जरूर मिला, लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ.
कई दुकान बंद हैं, उन्होंने खुद अपना भी ऑफिस पिछले छह महीने से बंद रखा हुआ है. कोई भी जन प्रतिनिधि इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा. थक-हार कर जब उन्होंने विधायक पवन शर्मा से व्यक्तिगत तौर पर बात करी तो उन्हें आश्वासन जरूर मिला, लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ.
यहां पान-मसाला की दुकान चलाने वाले रघुराज गुप्ता ने कहा कि, टूटे नाले की वजह से दुकानदारी तो चौपट हुई ही है, साथ ही बदबू-मच्छर के कारण बीमारियां भी फैल रही हैं. पार्षद दीपक वोहरा से जब उन्होंने इस समस्या से निपटारे की गुहार लगाई तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए विधायक के हाथ मे की बात कही और जब विधायक से मिले तो उन्होंने कहा, बात चल रही है, टेंडर हो रहा है, हो जाएगा लेकिन आज 20 जनवरी से छह महीने बीत चुके हैं, हुआ कुछ भी नहीं है.
ये हाल तब है जब दिल्ली और एमसीडी दोनों में एक ही पार्टी की सरकार है. लोग परेशान हैं, दुकानदारी चौपट है लेकिन न तो अधिकारी और न ही कोई जन प्रतिनिधि ही इसकी जिम्मेदारी लेकर इस समस्या को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं. जिस कारण उनका व्यापार खराब हो रहा, लोगों की सेहत और बुरा असर पड़ रहा है.