Fire in Jungle: छत्तीसगढ़ के जंगलों में एक तरफ भीषण आग, दूसरी तरफ हो रही पेड़ो की अंधाधुंध कटाई... हरियाली बचाने सामने आए पर्यावरण प्रेमी

जसपुर के जंगलों में आग से पेड-पौधे हो रहे नष्ट
जशपुर: छत्तीसगढ़ के छोटा शिमला के नाम मशहूर जशपुर (Jashpur) के जंगलों में इन दिनों भीषण आग लगी हुई है जिससे जंगल के पेड़ जल रहे है. वहीं पेड़ों की अंधाधुध कटाई से पेड़ों की संख्या हर दिन घट रही है. ऐसे में वो दिन दूर नहीं जब हरे भरे जंगलों की वजह से देशभर में मशहूर जशपुर अपनी पहचान खो देगा. हालांकि कुछ पर्यावरण प्रेमी और युवाओं ने जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए पहल शुरू की, और जंगल में भीतर घुसकर आग बुझाने का कार्य कर रहे है. साथ ही पेड़ काटने वालों को समझाइश दी रहे हैं और नहीं मानने पर वन विभाग को सूचित कर कार्रवाई करवा रहे है.
दरअसल सरगुजा का संभाग का आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिला वनों से आच्छादित है. लेकिन इस वर्ष जिले के जंगलों में आग लगने से बहुत नुकसान हो रहा है. पेड़ जल रहे है, तो वहीं ग्रामीण पेड़ों की कटाई भी कर रहे है. जिससे पर्यावरण पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है.
वनों की बेतहाशा कटाई से तापमान पर विपरीत असर पड़ रहा है. वैसे तो अन्य वर्षो में जशपुर जिले में मार्च अप्रैल के महीनों में 30 डिग्री तक तापमान हुआ करता था, लेकिन इस साल अप्रैल के महीने में तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया है.
इधर वनों की कटाई से हो रहे नुकसान को देखते हुए पर्यावरण प्रेमी एकजुट होने लगे है. लिहाजा आदिवासी इलाके के युवाओं ने एक पहल शुरू की है. जिसके तहत जिले के अलग अलग इलाकों के युवा व्हाट्सएप्प ग्रुप के माध्यम से एकजुट हुए, और अब अलग अलग समिति बनाकर जंगल की आग बुझाने और वन संपदा को बचाने का काम कर रहे हैं. पर्यावरण प्रेमियो का यह दल जिले भर में काम कर रहा है.
गौरतलब है कि कुनकुरी, जशपुर, बगीचा इलाके के जंगलों में आग लगी हुई है. जिसे बुझाने के लिए पर्यावरण प्रेमियों की टीम जंगलो में घूम-घूमकर आग बुझाने का काम कर रहे हैं. इसी टीम से कुछ लोग जंगलों और आसपास के गांव में घूमकर जन जागरुकता अभियान चलाकर जंगल में लकड़ी काटने वालों को समझाईश दे रहे हैं. वहीं जो लोग नहीं मान रहे उनके खिलाफ वन विभाग को सूचना देकर कार्रवाई भी करा रहे है.
वन विभाग के एसडीओ ने बताया कि हर रेंज में ब्लोअर दे रखे हैं. जिससे आग बुझाने में काफी मदद मिल रही है. हर बीट में एक एक फायर वाचर रखा है, जो हर दिन शाम को, और दिन में भी वनों में नजर रखे हुए है
विधायक यूडी मिंज का कहना है कि लोगों से अपील है कि जंगलों में आग न लगाएं. क्योंकि यही प्रकृति है, जो हमे पानी भी देती है. पर्यावरण को सुरक्षा प्रदान करती है. टेंप्रेचर को मेंटेन करता है. इसलिए बहुत जरूरी है जंगल बचे.
जंगलों में लगी आग और पेड़ों की कटाई को लेकर कुनकुरी विधायक एवं संसदीय सचिव युडी मिंज ने भी चिंता जाहिर की है.