Bihar Flood: पटना के निचले इलाके में आई बाढ़, तस्वीरों से समझिए हालात
गंगा नदी का जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. राजधानी पटना में मनेर से लेकर मोकामा तक पिछले चार दिनों से गंगा नदी का बहाव खतरे के निशान से ऊपर है. प्रशासन भी हालात को देखकर अलर्ट मोड में है.
जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा नदी से सेट निचले इलाके में के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है, तो वहीं हजारों एकड़ फसलें नष्ट हो चुकी हैं. पटना के खुसरूपुर प्रखंड स्थित बिंद टोली गांव में करीब 100 घरों में पानी घुस गए हैं और लोग ऊंचे स्थान पर शरण लिए हुए हैं .
मवेशियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. पीने के पानी और खाने तक के लाले पड़ गए हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि अभी तक जिला प्रशासन की ओर से कोई शहरी क्षेत्र में कोई व्यवस्था नहीं की गई है ना तो आने-जाने के लिए नाव की भी व्यवस्था की गई है.
बाढ़ नियंत्रण कार्यालय के दिए गए आंकड़ों के अनुसार आज सुबह 6:00 बजे के रिपोर्ट के अनुसार पटना के गांधी घाट पर खतरे के निशान से 1.47 यानी करीब डेढ़ मीटर ऊपर पानी बहाव हो चुका है. 2016 की बाढ़ के मुकाबले अभी मात्र डेढ़ फीट गंगा का जलस्तर नीचे है.
पटना जिले में गंगा के जलस्तर की रफ्तार बढ़ती जा रही है और कल बुधवार से लेकर आज तक 24 घंटे के अंदर 25 सेंटीमीटर गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है. वहीं मनेर में भी 1.7 मीटर खतरे के निशान से ऊपर है तो दीघा घाट में करीब 3 फीट खतरे के निशान से ऊपर गंगा बह रही है. मोकामा के दीघा घाट में करीब ढाई मीटर खतरे के निशान से ऊपर पानी बह रहा है.
पटना जिले के निचले इलाके में अधिकांश हिस्सों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है. हालांकि डीएम चंद्रशेखर सिंह के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी ने दियारा क्षेत्र में स्थिति का जायजा लिया. कई गांव में नाव की व्यवस्था की गई है.
डीएम चंद्रशेखर सिंह ने कहा है कि गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है, उस पर हमलोग पैनी नजर रखे हुए हैं. जैसे ही भयावह स्थिति होगी हमलोग उसके लिए तैयार है. पूरी व्यवस्था कर ली गई है.