आखिर क्यों सोने के बाद 10 दिन तक नहीं उठता ये लड़का, जानें क्या है असल मामला
इस बीमारी के इलाज के लिए कुछ मरीजों को दवाएं दी जाती हैं जिनकी मदद से मरीज को इस सिंड्रोम के अटैक के बाद जगने में मदद मिलती है. वहीं कुछ को वे दवाएं दी जाती हैं जो मिर्गी की समस्या को नियंत्रित करती हैं.
यही कारण है कि इस हिस्से के काम ना करने के कारण मरीज का ब्रेन काम नहीं करता और अटैक पड़ने पर वो हमेशा नींद में रहता है.
इस सिंड्रोम के कारण मरीज के ब्रेन का हाइपोथैलेमस पार्ट काम करना बंद कर देता है. ये ब्रेन का वो हिस्सा है जो सेक्स ड्राइव, भूख और स्लीपिंग साइकिल को मेंटेन करता है.
कोई ये नहीं जानता कि क्लेन लेविन सिंड्रोम होने का कारण क्या है. हालांकि एक्सपर्ट मानते हैं कि ये एक वायरस द्वारा ट्रिगर होता है, जिससे ब्रेन में सूजन हो आ जाती है. एक्सपर्ट इसे एक आनुवंशिक दोष की तरह भी देखते हैं.
इस बीमारी का ठीक से पता ना लगने के कारण गलती से इस युवक को डिप्रेशन और एमई का ट्रीटमेंट दे दिया गया जो कि इसके लिए घातक साबित हुआ.
इस युवक को ये समस्या उस समय से है जब वो 15 साल का था. दरअसल, जब भी इस युवक को इस सिंड्रोम का अटैक पड़ता है तो वो लंबे समय तक के लिए सो जाता है.
इसकी मां के अनुसार, वे नींद में घबराहट और पैनिक करते हुए क्लेन लेविन सिंड्रोम के लक्षणों के साथ उठता है.
ये 19 वर्षीय युवक सोने के 5 से 10 दिन बाद उठता है. वो सिर्फ कुछ शुगरी स्नैक्स खाने या बाथरूम जाने के लिए उठता है.
इस रेयर डिस्ऑर्डर को आप कोई कहानी मत समझिए. दरअसल, इस तरह के मामले दुनियाभर में बहुत की कम मामले हैं.
ये युवक एक बार सोने के बाद सप्ताह या दस दिन तक सोता रहता है. दरअसल, इस युवक को क्लेन लेविन सिंड्रोम है जिसे डबिंग स्लीपिंग ब्यूटी सिंड्रोम कहा जाता है.
बेशक पुराणों में आपने कुंभकरण के बारे में सुना होगा कि वो लंबे समय तक सोया रहता था. लेकिन हम आज आपको एक ऐसे ही युवक के बारे में बताने जा रहे हैं जो सोने के बाद उठने का नाम नहीं लेता.
आपने कई तरह के स्लीपिंग डिस्ऑर्डर के बारे में सुना और पढ़ा होगा. लेकिन क्या आपने कभी पढ़ा है कि कोई व्यक्ति सोने के 10 दिन बाद उठे? आपको भी ये अटपटा लग रहा होगा ना? सभी फोटोः गेटी इमेज
ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.