सैमसंग ने लॉन्च किया भारत का पहला 'पुतली पहचानने वाला' टैबलेट!
इस टैबटेल में सुरक्षा के लिए 'सैमसंग नोक्स' और 'सिक्योर बूट' का प्रयोग किया गया है कि जो इसकी हैकिंग से सुरक्षा करता है.
केवल इतना ही नहीं यह टैबलेट 5 मेगापिक्सल कैमरे से लैस है.
आंख की पुतलियों के प्रमाणीकरण लागू करने से सरकारी विभाग विभिन्न सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार जैसे पेंशन वितरण, भूमि रिकार्ड की पुष्टि आदि में गड़बड़ी आदि को रोका जा सकता है.
सैमसंग गैलेक्सी टैब आइरिस में 3,600 एमएएच की बैटरी लगी है.
आपको बता दें कि यह टैबलेट 14 भारतीय भाषाओं में काम करता है.
आपको बता दें कि इस टैबलेट का यूज वैरिफिकेशन संबंधी विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए किया जा सकता है, जिसमें ई-केवाईसी (अपने ग्राहक को जानें), ई-हस्ताक्षर और अन्य सरकारी सेवाओं जैसे जन-धन योजना और ई-नागरिक आदि प्रमुख हैं.
सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स के वाइस प्रसिडेंट सुकेश जैन ने बताया, हम आइरिस प्रौद्योगिकी समाधान को 'डिजिटल इंडिया' कार्यक्रम को बढ़ावा देने और इससे संबंधित सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए एक साधन के रूप में इस्तेमाल की काफी संभावना देखते है.
'भारत में बना' 13,999 रुपये की कीमत वाला सैमसंग गैलेक्सी टैब आइरिस यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आधार) के अनुकूल है.
वे आगे कहते हैं, इस टैबलेट का प्रयोग विभिन्न क्षेत्रों में हो सकता है जिसमें बैंकिंग, वित्त, शिक्षा आदि प्रमुख हैं.
दक्षिण कोरिया की इलेक्ट्रॉनिक कंपनी सैमसंग ने बुधवार को भारत में पहला आंखों की पुतली पहचानने वाला टैबलेट लांच किया. इस टैबलेट का नाम मसंग गैलेक्सी टैब आइरिस है. आगे की स्लाइड्स में जानें इस टैबलेट में क्या है खास और यूजर्स के लिए क्यों खास है ये टैबलेट?
7 इंच के इस टैबलेट में 1024X600 पिक्सल WSVGA डिस्प्ले, 1.2 गीगाहर्टज क्वाड कोर प्रोसेसर और 1.5 जीबी रैम है.
इसके साथ ही सैमसंग गैलेक्सी टैब आइरिस में 8 जीबी इंटरनल स्टोरेज है जिसे 200 जीबी तक मेमोरी कार्ड के जरिए बढ़ाया जा सकता है.