गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली सहित पूरे देश में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, देखें तस्वीरें

निजी और यात्री वाहनों को रोका जा रहा है और आगे जाने की मंजूरी देने से पहले सवारियों की सघन तलाशी ली जा रही है.
सुरक्षा बलों ने गणतंत्र दिवस से पहले स्टेडियम को अपने कब्जे में ले लिया है और लोगों के प्रवेश इलेक्ट्रोनिक रूप से मानवयुक्त अभिगम नियंत्रण प्रणाली के जरिए विनियमित किए जाते हैं.(All Photos-AP Exchange)
ऐतिहासिक राजपथ पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं, यहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी देश की प्रदर्शित होने वाली सैन्य ताकत देखेंगे. राष्ट्रपति सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं.
उत्तरी कश्मीर के गांदरबल जिले में मंगलवार को लश्कर-ए-तैयबा के दो विदेशी आतंकवादी सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए थे.
अधिकारी ने भी कहा कि इस साल सुरक्षा तैयारी अधिक है, क्योंकि साल 2014 और 2015 की तुलना में नियंत्रक रेखा के पार से राज्य में आतंकवादियों की अधिक घुसपैठ हुई है.
पाकिस्तान की ओर से आतंकियों के घुसने के किसी प्रयास को रोकने के लिए जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है.
जगह-जगह बैरिकेट लगाकर आने जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही है. दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बल के हजारों जवान कड़ी चौकसी रखेंगे. इस दौरान गुप्तचर जानकारी के मद्देनजर विशेष जोर हवाई आधारित खतरों को निष्क्रिय करने पर रहेगा.
सुरक्षा बलों का मानना है कि मारे गए आतंकवादियों- अबू अनस और अबू अली की 26 जनवरी के आसपास श्रीनगर शहर में आत्मघाती आतंकी हमले की योजनाएं थीं.
हाल में आई गुप्त सूचना के मद्देनजर ये बताया गया कि हो सकता है कि लश्करे तैयबा जैसे आतंकवादी समूह हेलीकाप्टर चार्टर सेवाएं और चार्टर उड़ानों का इस्तेमाल करते हुए हवा के जरिए हमले की योजना बना रहें हो, दिल्ली पुलिस अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कड़ी सतर्कता रख रही है.
सुरक्षा एजेंसियों को जारी परामर्श में कहा गया है कि सुरक्षा बलों के लिए यह जरूरी है कि वे खतरों के दायरे को समझें और उससे निपटने के लिए उपयुक्त रास्ते अपनायें. सुरक्षा बलों से कहा गया है कि पुलिस एवं अन्य सुरक्षा कर्मियों की भी ठीक से जांच की जाए क्योंकि ऐसी आशंका है कि आतंकवादी सुरक्षा बलों का वेश धारण कर सकते हैं.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देशभर में कल गणतंत्र दिवस के मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. साथ ही संवेदनशील इलाकों सहित देश के चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात किये गये हैं.
जम्मू एवं कश्मीर में गुरुवार को गणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. कश्मीर घाटी में साल 1990 में सश्सस्त्र अलगाववादी संघर्ष शुरू होने बाद से पिछले 27 सालों से गणतंत्र दिवस मनाने के लिए भारी तनाव रहता है.