'बर्किनी' बैन पर रेणुका शहाने ने किया अनोखा विरोध
अगर सारे अपराध महिला के कपड़ों की वजह से होते हैं तो ऐसा क्यूं हैं कि हमेशा महिलाएं ही इस अपराध में सबसे बड़ी पीड़ित बनती है. मतलब अपराध भी महिलाओं का और अपराध का शिकार भी महिलाएं ही होती हैं.
हमारे इस समाज के लिए तो रेप करना, किसी की जान लेना और नफरत फैलाने की भी मुख्य वजह एक महिला का परिधान ही होता है.
मेरे कपड़े पहनने के शौक बहुत पारंपरिक है, लेकिन मेरी सोच हमेशा से आधुनिक रही है. मेरा मानना है कि सिर्फ छोटे कपड़े पहनना समाज के बंधनों से मुक्त होने की निशानी नहीं है और ना ही ढ़के हुए कपड़े पहनना एक अच्छे इंसान होने का प्रतीक है.”
फेसबुक पर रेणुका ने लिखा कि बचपन से मुझे पानी और छोटे कपड़ों का फोबिया यानी की डर रहा है.
मेरे हिसाब से कुछ भी पहनना या ना पहनना आपका निजी फैसला होता है. इसे किसी पर थोपना सही नहीं है.
कांस शहर के मेयर ने इस बैन को लागू करने की जो अजीबो-गरीब वजह बताई है, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. हालांकि फ्रांस के सूप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को बाद में खारीज कर दिया है.
लेकिन जब मेरे बच्चे हुए तो मैं उन्हें सीख देना चाहती थी कि किसी चीज का डर सिर्फ आपके सोच में होता है, आप अपनी इच्छा शक्ति के दम पर किसी भी डर पर जीत हासिल कर सकते हैं.
अगर बर्किनी ना होती तो शायद मैं कभी भी तैराकी के डर पर जीत हासिल नहीं कर पाती और ना ही अपने बच्चों को ऐसी कोई सीख दे पाती.
लेकिन दुर्भाग्य से इसे बैन करने के फैसले से अगर किसी महिला के शौक कभी पूरे नहीं पाएंगे तो इससे पितृसत्तात्मक समाज को कोई फर्क नहीं पड़ेगा.
अब आशुतोष राणा की पत्नी और फिल्म ‘हम आप के हैं कौन’ में सलमान की भाभी बनी रेणुका शहाने ने फेसबुक पर इस बैन का अलग तरह से विरोध किया है.
इसीलिए मैनें तैरना सीखा और बर्किनी ने मुझे ऐसा करने में मदद की.
पूरे शरीर को ढ़कने वाले इस स्वीमसूट का इस्तेमाल फ्रांस में अक्सर मुस्लिम महिलाएं करती हैं.
फ्रांस के कांस और विनभ-लुबे शहरों में ब्रकिनी नाम के स्वीमसूट को बैन कर दिया गया है.