इन गलतियों के कारण पीछे रह गए Govinda, नहीं तो और भी हिट होता करियर
बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. फिल्म 'इल्जाम' के जरिए 1986 में बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले गोविंदा 33 साल से ज्यादा फिल्मों में सक्रिय रहे हैं और उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया है.इनमें हीरो नंबर 1, शोला और शबनम, राजा बाबू, कुली नंबर 1, दुलारा जैसी हिट फ़िल्में हैं. हाल ही में 57 साल के हुए गोविंदा आज भी फिट और बेहद एक्टिव हैं हालांकि उनका फ़िल्मी करियर मौजूदा दौर में उतना सक्सेसफुल नहीं है जितनी की उम्मीद थी. इसके पीछे अगर कहा जाए कि खुद उनकी गलतियां हैं तो ये बात गलत नहीं होगी. गोविंदा के कुछ फैसले उनपर खुद भारी पड़ गए.
सलमान खान और गोविंदा की दोस्ती की एक समय मिसालें दी जाती थीं लेकिन इनके भी मतभेद ने गोविंदा का नुकसान ही करवाया. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सलमान ने गोविंदा से वादा किया था कि वह गोविंदा की बेटी टीना को बॉलीवुड में लॉन्च करेंगे लेकिन फिल्म दबंग में उन्हें ना लेकर सलमान ने सोनाक्षी को ले लिया जिससे गोविंदा नाराज हो गए और इनकी दोस्ती टूट गई.
गोविंदा की तीसरी बड़ी गलती ये रही कि जिस डायरेक्टर की फिल्मों में काम करने वे स्टार बने, उसी के साथ उन्होंने अपने मतभेद कर लिए. हम बात कर रहे हैं डेविड धवन की जिनकी हीरो नंबर 1, कुली नंबर 1, राजा बाबू सहित 20 फिल्मों ने गोविंदा को सुपरस्टार बना दिया लेकिन डेविड के साथ हुए ईगो प्रॉब्लम की वजह से गोविंदा पिछड़ गए क्योंकि उनके करियर में डेविड का योगदान आगे नहीं हुआ.
गोविंदा की दूसरी गलती ये रही कि उम्र ढलने के बावजूद लीड रोल को लेकर उनका मोह कम हुआ. वह अभी भी फिल्मों में लीड स्टार की भूमिका में नजर आना चाहते हैं जिसकी वजह से उन्हें वह छोटे किरदार भी नहीं मिल पाए जो वो कर सकते थे.
गोविंदा ने सफल फ़िल्मी करियर के बीच पॉलिटिक्स में एंट्री मार ली जिससे उन्होंने अपने पैर पर खुद कुल्हाड़ी मार ली. वह कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़े और जीत भी गए लेकिन राजनीति में व्यस्तता से उनके फ़िल्मी करियर पर असर पड़ा और वह पिछड़ गए.