IN PICS: RSS का हाफ पैंट से फुल पैंट तक का सफर!
1925 में डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार के घर पर विजयादशमी के दिन जब संघ की नींव रखी गयी. तब से लेकर अब तक. आप संघ कार्यकर्ताओं को खाकी हाफ पैंट में देखते आ रहे हैं. लेकिन आने वाली विजयादशमी को खाकी हाफ पैंट भूरे रंग की फुल पैंट में तब्दील हो जाएगी. राजस्थान के भीलवाड़ा की फैक्ट्री समेत कई दूसरी फैक्ट्रियों में RSS के नए कपड़ों को तैयार किया जा रहा है. आगे की स्लाइड्स में जानें क्या है पूरा मामला!
संघ की वेशभूषा में आने वाला ये पहला बड़ा बदलाव है क्योंकि खाकी हाफ पैंट संघ की पहचान बन चुकी है. पिछले 91 सालों से संघ की ड्रेस में कई बदलाव हुए लेकिन खाकी हाफ पैंट वही की वही रही.
अब 2016 में विजयादशमी के दिन सबसे बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है. जब कार्यकर्ता खाकी हाफ पैंट की जगह भूरे रंग की पुलपैंट पहनेंगे.
इसके बाद करीब 37 साल बाद 2010 में चमड़े की बेल्ट की जगह कपड़े की बेल्ट ने ले ली.
1973 में सेना जैसे जूते और मोज़ों की जगह सामान्य चमड़े के जूते और मोज़ो ने ले ली.
1939 में खाकी शर्ट का रंग बदला और शर्ट सफेद हो गई.
इसमें सबसे पहला बदलाव 1930 में हुआ था जब टोपी खाकी से काली हो गयी थी.
1925 में संघ के कार्यकर्ताओं की वेशभूषा में काली टोपी, खाकी शर्ट, खाकी निकर, चमड़े की बेल्ट, सेना जैसे जूते और लंबे मोज़े शामिल थे.