विनोद खन्ना की वो अनदेखी तस्वीरें जो आपने कभी नहीं देखी होगी
लेकिन तब तक बॉलीवुड में दौर काफी बदल चुका था. नए स्टार्स भी आ चुके थे. अपनी दूसरी पारी में विनोद ने इंसाफ, जुर्म, दयावान और चांदनी जैसी कई चर्चित फिल्में कीं मगर पहले जैसा मक़ाम हासिल नहीं कर पाए.
अपने ज़माने के दिग्गज फिल्म अभिनेता विनोद खन्ना का कल सुबह मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया. वह 70 साल के थे. साल 1978 तक आते आते विनोद की गिनती इंडस्ट्री के टॉप स्टार्स में हो रही थी लेकिन अपनी कामयाबी में उन्हें खालीपन नज़र आने लगा था. धीरे-धीरे और वो आध्यात्म की तरफ मुड़ गए. आध्यात्मिक गुरू ओशो रजनीश ने उन्हें बेहद प्रभावित किया. आज हम आपको विनोद खन्ना की ऐसी ही विरली तस्वीरें दिखाने जा रहे हैं जो आध्यात्म के प्रति रहे उनके लगाव का प्रमाण देती हैं.
बताया जाता है साल 1978 के बाद से ही हर हफ्ते विनोद खन्ना के 2-3 दिन पुणे के ओशो आश्रम में गुरू ओशो के साथ गुज़रने लगे थे.
पूरी फिल्म इंडसट्री विनोद खन्ना के इस फैसले से सन्न रह गई थी लेकिन विनोद खन्ना अपना सुपरस्टारडम पीछे छोड़कर ओरेगन के ओशो आश्रम में माली बन गए थे.
कई साल बीत जाने के बाद जब फिल्म इंडस्टरी ने उन्हें भुला ही दिया था कि अचानक जैसे वो गए थे, वैसे ही अचानक 6 साल बाद वापस लौट आए.
फिर अचानक कई समस्याओं के चलते ओशो को पुणे आश्रम छोड़ कर अमरीका के ओरेगन शिफ़्ट होना पड़ा. इस समय विनोद खन्ना अपनी स्टारडम के चरम पर थे. उनकी कुर्बानी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी.
निर्माता-निर्देशक विनोद को साइन करने के लिए लाइन लगाए खड़े थे लेकिन विनोद ने अचानक फैसला लिया कि वो अपना करियर, स्टारडम, पत्नी, बच्चे, सबकुछ छोड़कर अपने गुरू यानि ओशो के पास अमेरिका चले गए.