IN PICS: पायलटों की सूझबूझ से टले ये बड़े विमान हादसे!
2 अगस्त 2016 को इंडिगो के पायलट ने अपनी सूझ-बूझ और समझदारी से आसमान में दो फ्लाइट्स के बीच टक्कर होने से बचा लिया. खबरों के मुताबिक, मुंबई से गुवाहाटी जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E-813 में खराब मौसम के चलते विमान को 250-300 फीट ऊंचाई पर ले लिया गया. इसी दौरान एक दूसरा विमान भी उसी रास्ते में नज़दीक था. ऐसे में पाइलट ने विमानों के बीच टकराव होने से बचाने के लिए तुरंत रेज़ल्यूशन एडवायजरी और ट्रैफिक कॉलिशान एवाय्डेन्स सिस्टम का प्रयोग किया और प्लेन की नॉर्मल लैंडिंग करवाई. साथ ही गुवाहाटी में प्लेन कीलैंडिंग के बाद पाइलट ने अस्वस्थ महसूस कर रहे 4 यात्रियों और 2 क्रू मेंबरों के लिए डॉक्टर और एंबुलेंस का इंतज़ाम भी किया. (प्रतीकात्मक तस्वीर) (प्रस्तुति- प्रिया मिश्रा)
दिल्ली से पटना आ रही एक एयर एंबुलेंस को 24 मई 2016 को तकनीकी खराबी आने के बाद नजफगढ़ के कैर गांव में उतारा गया. प्लेन में एक ब्रेन हैमरेज का पीड़ित, डॉक्टर, टेकनीशियन और प्लेन क्रू था. प्लेन का इंजन खराब हो जाने के बाद पाइलट ने एमर्जेन्सी लैंडिंग करवा के प्लेन मे सवार सभी लोगों की जान बचाई थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
28 मई 2016 को वडोदरा से दिल्ली आ रही इंडिगो फ्लाइट IC6E 488 के पायलट ने फ्लाइट की दिल्ली के एक टेंपर्ररी रनवे पर लैंडिंग करवा कर करीब 180 यात्रियों की जान बचा ली थी. वडोदरा से दिल्ली आ र्हे इंडिगो के विमान को एर ट्रैफिक पुलिस से हरी झंडी मिलने के बाद भी फ्लाइट के पाइलट ने अपनी समझ से खराब मौसम के चलते फ्लाइट की एमर्जेन्सी लैंडिंग करवाई. यात्रियों का मानना है कि अगर पाइलट एर ट्रैफिक पुलिस की बात मानते हुए एरपोर्ट पर लैंडिंग करवाते तो प्लेन क्रैश होना तय था. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
EK521 में 282 यात्रियों के साथ 18 क्रू मेंबर मौजूद थे. विमान के अगले पहियों से आग निकल रही थी. विमान में आग लगने के बावजूद पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को उतार लिया. एमिरेट्स ने हादसे की वजह के बारे में तो कुछ नहीं बताया है. लेकिन, जानकार मानते हैं कि लैंडिंग गियर में खराबी की वजह से ही इमरजेंसी लैंडिंग की नौबत आई और फिर ये हादसा हो गया.
13 जुलाई 2014 की रात को कैप्टन गौतम वर्मा और उनके क्रू ने न्यूयॉर्क से मुंबई जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-144 में सवार 300 यात्रियों और 15 क्रू मेंबरों की जान बचाई थी. प्लेन के लेफ्ट इंजन में आग लग जाने के बाद लेफ्ट साइड बैठे यात्री और क्रू मेंबर घबरा गए थे तब कैप्टन गौतम वर्मा और उनके साथी क्रू ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए प्लेन की सेफ लैंडिंग करवा के लोगों की जान बचाई थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
25 फरवरी 2016 को नेपालगंज से जुमला जा रहे एयर काश्ठमंडप के विमान का एकमात्र इंजन खराब होने के बाद विमान के पायलट दिनेश और को-पायलट संतोष राणा ने विमान को कालिकोट में एक गेंहू के खेत में क्रैश लैंडिंग के दौरान अपनी जान गंवा दी लेकिन यात्रियों को बचा लिया था.