टैटू बनवाने का ये शौक बेवजह नहीं है, सेक्सुअल बिहेवियर को लेकर रिसर्च ने किया दावा
फ्लोरिडा के मियामी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने ये रिसर्च की. रिसर्च में ये भी पाया गया कि लोग टैटू को स्टेटस सिंबल की तरह इस्तेमाल करते हैं जबकि वे मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम से गुजर रहे होते हैं.
इतना ही नहीं, रिसर्च में कहा गया कि ऐसे लोगों को सेक्सुअल पार्टनर बदलने में कोई गुरेज नहीं. वे खुद को रिस्क में डालना पसंद करते हैं और अनसेफ सेक्स तक करते हैं.
रिसर्च में पाया गया कि जो लोग टैटू बनवाते हैं उनके कई सेक्सुअल पार्टनर्स भी होते हैं.
इनमें से 50 फीसदी लोगों ने 2 से 5 टैटू बनवा रखे तो 18 फीसदी ने 6 से ज्यादा टैटू बनवाए हुआ थे.
ये रिसर्च एक पोल के जरिए की गई थी जिसमें 18 से 29 साल के 2000 लोगों को शामिल किया गया जिसमें से 40 फीसदी लोगों ने टैटू बनवाया हुआ था.
ऐसे लोगों का व्यवहार बहुत रिस्की होता है. वे ना सिर्फ स्मोकिंग करते हैं ड्रिंक करना, स्कूल बंग करना यहां तक की जेल जाने को भी तैयार रहते हैं.
रिसर्च के मुताबिक, जो लोग टैटू बनवाते हैं वे मानसिक रूप से परेशान होते हैं. इतना ही नहीं, ऐसे लोगों को नींद ना आने की समस्या भी होती है.
आजकल टैटू बनवाने का काफी क्रेज है. अक्सर आपने देखा होगा कि लोग बदन पर कई-कई टैटू बनवाते हैं. लेकिन एक रिसर्च ने दावा किया है कि टैटू बनवाने का ये शौक बेवजह नहीं है. सभी फोटोः गेटी इमेज