ऐसे लोग ज्यादा मारते हैं गप्पे, रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.
शोधकर्ताओं ने सोशल साइकोलॉजिकल एंड पर्सनैलिटी साइंस पत्रिका में प्रकाशित लेख में कहा कि हर कोई गपशप करता है और गपशप कुछ भी हो सकती है.
शोधकर्ता और प्रोफेसर मेगन रॉबिंस का कहना है कि इस बारे में जानकारी की कमी है कि कौन कैसे गपशप करता है और किस विषय पर.
रिसर्च में ये भी पाया गया कि युवा लोगों में अपने पुराने साथियों के मुकाबले नकारात्मक रूप से गपशप करने की अधिक संभावनाएं होती है.
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि कम आय वाले लोग उतनी गपशप नहीं करते जितनी कि उनके सामने अच्छी आय प्राप्त करने वाले लोग करते हैं.
रिसर्च के मुताबिक, गपशप के दौरान महिलाएं उस स्तर तक नीचे नहीं जातीं जितना की पुरुष. एक नए शोध में यह बात सामने आई है. शोध में महिलाएं और पुरुष दोनों को शामिल किया गया.
रॉबिंस ने कहा कि यह विश्वास करना मुश्किल होगा कि कोई व्यक्ति गपशप नहीं करता क्योंकि यदि ऐसा होता है तो इसका अर्थ होगा कि वह तभी किसी दूसरे व्यक्ति की बात करता है जब वह सामे होता है.
शोध में कहा गया कि गपशप एक सेलिब्रिटी के बारे में नहीं होकर एक परिचित व्यक्ति के बारे में थी. जिसमें 3,292 की तुलना में 369 नमूनों का सहारा लिया गया. गरीब, कम पढ़े लोगों की तुलना में अमीर और पढ़े-लिखे लोग ज्यादा गपशप करते हैं.
रॉबिंस और उनकी प्रयोगशाला में काम करने वाले विद्यार्थी अलेक्जेंडर करन ने 18 से 58 साल की उम्र वाले 467 लोगों पर शोध किया जिनमें से 269 महिलाएं और 198 पुरुष थे.
रिसर्च में ये भी पाया गया कि सकारात्मक की तुलना में नकारात्मक गपशप दोगुनी थी. जहां सकारात्मक बातें (376) थी, वहीं नकारात्मक बातें (604) थी.
प्रतिभागियों को एक सुनने वाली डिवाइस दी गई. रिसर्च में पता चला कि 16 घंटों के काम के दौरान 14 फीसदी लोगों की बातचीत में केवल गपशप की बातें शामिल थी.
अंतर्मुखी व्यक्तियों की तुलना में बहिर्मुखी व्यक्ति ज्यादा गपशप करते हैं जबकि पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा गपशप करना पसंद करती हैं.
दिनभर में 16 घंटे जागने के दौरान आमतौर पर लोग 52 मिनट गपशप करते हैं. ये हम नहीं कह रहे बल्कि हाल ही में एक रिसर्च में कहा गया है. जानिए क्या कहती है रिसर्च. सभी फोटोः गेटी इमेज