पटना के डॉक्टर ने रूस में लहराया परचम, पुतिन की पार्टी में बने विधायक

फिर वो पटना वापस लौटे और प्रैक्टिस के लिए रजिस्ट्रेशन भी करवाया. तस्वीर: फेसबुक
कारोबार के शुरुआत में उन्हें काफी परेशानी भी उठानी पड़ी लेकिन जैसे-जैसे रूस में उनके पैर जमते गए वैसे-वैसे उनका बिजनेस बढ़ता गया. तस्वीर: फेसबुक
रशियन एमएलए ने एक इंटरव्यू में कहा कि मेरा जन्म पटना में हुआ था. फिर उन्होंने लोयोला स्कूल से पढ़ाई की जिसके बाद साल 1991 में कुछ दोस्तों के साथ मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए रूस का रुख किया. तस्वीर: फेसबुक
लेकिन इसके बाद भी उनका मन नहीं लगा और वो वापस रूस जा पहंचे जहां उन्होंने दवाई का कारोबार शुरू किया. तस्वीर: फेसबुक
अभय बताते हैं कि वो शूरू से ही राष्ट्रपति से प्रभावित रहे हैं जिसके कारण उन्होंने राजनीति में कदम रखा. तस्वीर: फेसबुक
बता दें कि एमएलए को रूस में डेप्यूतात कहा जाता है. तस्वीर: फेसबुक
वो आज भी चाहते हैं कि जब भी वक्त मिले तो अभय बिहार जाएं क्योंकि उनके सभी रिश्तेदार बिहार के रहनेवाले हैं. तस्वीर: फेसबुक
इस साल जो आम चुनाव हुए हैं उसमें सत्ताधारी पार्टी 'यूनाइटेड रशा' के 75 फीसद सांसद ने जीत हासिल की. गौर करने वाली बात है कि व्लादिमीर पुतिन 18 सालों से सत्ता में है. तस्वीर: फेसबुक
उन्होंने आगे ये भी बताया कि उन्हें भारतीय होने का बहुत गर्व है. तस्वीर: फेसबुक
बिहार में जन्मे अभय सिंह पिछले साल रूस के विधायक बने. साल 2017 में व्लादिमीर पुतिन की पार्टी 'यूनाइटेड रशा' के उम्मीदवार बनकर कुर्स्क विधानसभा से उन्होंने चुनाव जीता. तस्वीर: फेसबुक