हैरतअंगेज: सिर्फ 2% ब्रेन के पैदा हुआ ये बच्चा, जानें फिर क्या हुआ
अब नोह बहुत सी चीजें सीखने में समर्थ है. वे अपना नाम लिखने लगा है और सबके सामने बिना घबराहट के बोल रहा है.
इस कंडीशन के साथ नोह ना सिर्फ खाने और पीने में असमर्थ था. डॉक्टर्स लगातार उसकी कंडीशन को वॉच करने लगा. जब नोह 3 साल का हो गया तो डॉक्टर्स हैरान रह गए. नोह के ब्रेन ने खुद-ब-खुद 80 फीसदी रिस्टोर कर लिया. डॉक्टर्स इस मामले को सिर्फ एक चमत्कार समझ रहे हैं.
जब नोह का जन्म हुआ तो वो ना सिर्फ 2 फीसदी ब्रेन के साथ पैदा हुआ बल्कि उसके स्कॉल्प में फ्लूड भरा हुआ था. ये बेहद क्रिटिकल कंडीशन थी.
हालांकि डॉक्टर्स ने प्रेगनेंसी के दौरान शैली को 5 बार एबॉर्शन के लिए कहा. लेकिन शैली ने ना माना. वे बच्चे को जन्म देना चाहती थी.
नोह ना सिर्फ स्पाइन बिफिडा नामक कंडीशन से सफर कर रहा है बल्कि उसके दिमाग में भी पानी चला गया था. ये बहुत ही कॉम्पिलकेटिड कंडीशन थी जिसमें स्कॉल्प में फ्लूड भर गया था. हालांकि डॉक्टर्स को अंदाजा नहीं था कि वो आगे जी पाएगा या नहीं.
शैली प्रेगनेंसी के दौरान रेगुलर चैकअप के लिए 20वें हफ्ते में डॉक्टर के पास गईं. लेकिन उस समय उन्हें बैड न्यूड मिली कि उनके बच्चे को मेडिकल प्रॉब्लम्स होंगी.
इंग्लैंड के रहने वाले शैली वॉल और रॉब के बच्चे नोह के साथ ऐसा हुआ है जो बिना ब्रेन के हुआ.
एक बच्चा नोह वॉल बिना ब्रेन के पैदा हुआ. लेकिन आज वो जीवित है और खुश है. उसकी जिदंगी काफी स्ट्रगल से भरी हुई रेयर थी. जानें क्या था असल मामला.
ऐसे बहुत से मामले हैं जिसमें मरीज को रेयर डिजीज़ होती हैं और वे सर्वाइव कर जाते हैं. कुछ मामलों में एक जादु सा होता है. आज हम आपको एक ऐसे ही केस के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे पढ़कर आप वाकई हैरान रह जाएंगे. फोटोः यूट्यूब