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3200 मीटर की ऊंचाई, घुटनों तक बर्फ...हिमस्खलन में फंसे मजदूरों के लिए कैसे फरिश्ता बन रहे जवान, देखें- उत्तराखंड रेस्क्यू की तस्वीरें
Chamoli Glacier Burst: माणा भारत-तिब्बत सीमा पर 3,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अंतिम गांव है. मजदूरों को बचाने के लिए सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं.
उत्तराखंड के चमोली के माणा गांव में शुक्रवार को एक ग्लेशियर टूटा है, जिसकी चपेट में आने से बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) के 57 मजदूर दब गए. चमोली के जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने बताया कि हिमस्खलन की वजह से माणा और बद्रीनाथ के बीच सीमा सड़क संगठन का एक शिविर दब गया.
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माणा भारत-तिब्बत सीमा पर 3,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अंतिम गांव है. मजदूरों को बचाने के लिए सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं. हालांकि, खराब मौसम और लगातार हो रही बर्फबारी के चलते रेस्क्यू में दिक्कत आ रही है.
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पूरे इलाके में घुटनों तक बर्फ है. इसके बावजूद सेना ने अब तक 16 लोगों को रेस्क्यू कर लिया है. उधर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष में राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की और चमोली में माणा के पास हिमस्खलन की चपेट में आए मजदूरों को बचाने के लिए चल रहे अभियान की प्रगति की समीक्षा की.
Published at : 28 Feb 2025 04:32 PM (IST)
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