In Pics: मिलिए दिल्ली की 'सुपर लेडी कॉप्स' से, राजधानी के जिलों की कमान ‘मैडम DCP’ के पास
प्रियंका कश्यप: प्रियंका कश्यप ईस्ट दिल्ली की डीसीपी हैं. वे साल 2009 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. उनका कहना है कि वह महिला हैं तो जरूरी नहीं कि उनके लिए चुनौतियां ज्यादा हैं. उनके अनुसार सबके लिए समान चुनौतियां आती हैं और हमलोग उनको बखूबी रिस्पॉन्ड करें, यही हमें ट्रेनिंग के दौरान सिखाया गया है.
उर्वीजा गोयल: उर्वीजा गोयल फिलहाल डीसीपी वेस्ट हैं. वे साल 2011 बैच की आईपीएस ऑफिसर हैं. उनके अनुसार सांप्रदायिक सौहर्द बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा कि अपराध पर लगाम लगाना एक बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे हम सभी मिलकर निभा रहे हैं.
श्वेता चौहान: श्वेता चौहान सेंट्रल दिल्ली की डीसीपी हैं. वे साल 2010 बैच की आईपीएस ऑफिसर हैं. उनका मानना है कि सेन्ट्रल दिल्ली बेहद संवेदनशील इलाका है. ऐसे में वहां की पूरी निगरानी रखना और अपराध को कंट्रोल करना हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है.
ऊषा रंगनानी: ऊषा रंगनानी नॉर्थ वेस्ट दिल्ली की डीसीपी हैं. वे साल 2011 बैच की अधिकारी हैं. उनका कहना है कि इस सर्विस से हमें समाज की सेवा करने का मौका मिलता है. लोगों की परेशानियों को दूर करने की और उन्हें इंस्टेंट हेल्प करने का मौका मिलता है. ुनका मानना है कि क्राइम को ख़त्म करने की सबसे बड़ी चुनौती होती है, जिससे हमें डटकर सामना करना होता है.
ईशा पांडेय: ईशा पांडेय साउथ ईस्ट दिल्ली की डीसीपी हैं. वे 2010 बैच की आईपीएस ऑफिसर हैं. उन्होंने क्राइम अगेंस्ट वुमन को लेकर मुहिम चलाई है. वह जगह जगह महिला इंचार्ज की तैनाती कर रही है ताकि महिलाओं को आगे आने का मौका मिल सके.