दुनिया की सबसे महंगी 'शर्ट' पहनता है ये शख्स, गिनीज बुक में शामिल हुआ इनका नाम!
पारेख के नाम मंगलवार को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट जारी हुआ. उन्होंने कहा कि ई-मेल के जरिए दो मई को उन्हें गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट (गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड) प्राप्त हुआ. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में लिखा है कि 47 साल के पारेख दुनिया की सबसे महंगी सोने की शर्ट पहनने वाले व्यक्ति हैं. इस शर्ट की कीमत एक अगस्त, 2014 को 98 लाख 35 हजार रुपये थी.
'द मैन विद द गोल्डन शर्ट' के नाम से मशहूर महाराष्ट्र के मशहूर व्यवसायी और राजनेता पंकज पारेख का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स (गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड) में शामिल हो गया है. महाराष्ट्र के येओला के इस एनसीपी नेता ने सबसे महंगी सोने की शर्ट रखने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाने का दावा किया है जिसकी मौजूदा कीमत 1.3 करोड़ रूपये से ज्यादा आंकी गयी है.
नासिक से करीब 70 किलोमीटर दूर येओला नगर परिषद के उपाध्यक्ष पंकज पारेख ने 2014 में अपने 45 वें जन्मदिन पर यह विशेष शर्ट बनवायी थी और इसके दो साल बाद, 98,35,099 रूपये की चार किलोग्राम सोने की शर्ट ने सबसे महंगी शर्ट होने का रिकॉर्ड बनाया है. पंकज पारेख ने ये शर्ट एक अगस्त 2014 को खरीदी थी. आपको बता दें कि शुद्ध सोने से बनी इस शर्ट के भीतरी हिस्से में कपड़े की बेहद महीन परत है.
पारेख ने कहा, मुझे यकीन नहीं हो रहा है. मैं महाराष्ट्र के सुदूर इलाके से ताल्लुक रखने वाला छोटा व्यक्ति हूं. मुझे खुशी है कि मेरी इस सफलता ने मेरे गांव का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर दिया है. स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ने वाले पारेख ने गारमेंट फेब्रिकेशन व्यवसाय के माध्यम से अपनी किस्मत बनाई. वह नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के येयोला शहर के उपमेयर हैं. यह नासिक जिले का हिस्सा है.
पारेख को जिस शर्ट के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मिला है, उसका वजन 4.10 किलोग्राम है. आज की तारीख में इसकी कीमत 1.30 करोड़ रुपये है. इस शर्ट के साथ पारेख के खजाने में एक स्वर्ण घड़ी, कई स्वर्ण चेन, कई अंगुठियां, एक स्वर्ण मोबाइल कवर और सोने की फ्रेम वाले चश्मे हैं. इन सबका वजन 10 किलोग्राम के करीब है.
येयोला की पहचान पैठानी सिल्क साड़ियों के लिए है. साथ ही यहां की शालू और पिताम्बर साड़ियां भी काफी लोकप्रिय हैं. ये दो ब्रांड देश भर में लोकप्रिय हैं. अमीर और लोकप्रिय होने के बाद भी पारेख जमीन से जुड़े हैं. वह सबका ध्यान रखते हैं. वह कई तरह की सामाजिक व शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल हैं.
दो दशक पहले इसी पारेख के पास स्कूल जाने के लिए पैसे नहीं थे. वह कक्षा 8 तक ही पढ़ाई कर सके और फिर येयोला में अपने परिवार के छोटे से कारोबार में शामिल हो गए. साल 1982 में पारेख ने अपना व्यवसाय शुरू किया और एक दशक बाद वह राजनीति में भी कूद गए. वह येयोला में म्यूनिसिपल काउंसलर चुने गए.
इसे तैयार करने के लिए 20 कारीगरों ने दो महीनों में 3200 घंटों तक काम किया. इस शर्ट को तैयार करने के लिए 18-22 कैरेट सोने का इस्तेमाल हुआ.
परिवार की जरूरतों को पूरी करने के बाद पारेख ने बचे हुए धन का उपयोग अपना शौक पूरा करने के लिए किया और इसी की बदौलत वह आज गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो सके हैं.
पारेख जब भी अपने पूरे स्वर्ण परिधान के साथ येयोला की सड़कों पर निकते हैं, उनके साथ एक लाइसेंसी रिवाल्वर होता है. पारेख स्वीकार करते हैं कि येयोला के पुरुष व महिलाएं उन्हें घूरते हैं और किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए वह प्राइवेट बॉडीगार्ड लेकर चलते हैं.
पारेख की पत्नी प्रतिभा पूरे परिवार का ध्यान रखती हैं और वह अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दे रही हैं. उनके दो बच्चे-सिद्धार्थ (22) और राहुल (21) हैं.
पारेख की इस शर्ट को बाफना डिजाइनर्स ने तैयार किया तथा इसे पूरी तरह तैयार करने में मुम्बई के परेल के शांति ज्वेलर्स ने भी अहम भूमिका अदा की.
पारेख कहते हैं, 25 साल पहले मेरी शादी हुई थी. मैं अपनी पत्नी से अधिक गहने पहनकर शादी के लिए गया था. दूसरों के लिए यह काफी अजीब सा दृश्य था.
पारेख का परिवार उनके इस शौक से इत्तेफाक नहीं रखता और इसे गैरजरूरी जुनून करार देता है और इसे एक लिहाज से नजरअंदाज भी करता है लेकिन उनके रिश्तेदार उन्हें झक्की करार देते हैं.
पारेख बताते हैं कि सोने का बना होने के बाद भी यह शर्ट पूरी तरह लचीला है. यह पहनने में काफी आरामदायक है. इसकी निचली सतह कपड़े की है. इससे यह शरीर में चिपकता नहीं और किसी तरह से नुकसान भी नहीं पहुंचाता. यह धोया भी जा सकता है और साथ ही इसे रिपेयर भी किया जा सकता है. इस शर्ट के निर्माण पर आजीवन गारंटी मिली है.
पारेख ने कहा, मैंने इस खास सोने की शर्ट, जिसमें सात सोने के बटन हैं, को दो साल पहले अपने 45वें जन्मदिन पर तैयार किया था. स्कूल के दिनों से ही मुझे सोने से प्यार था और साल दर साल यह प्यार जुनून में तब्दील होता गया.