फर्च्यून लिस्ट: अरुंधती भट्टाचार्य, चंदा कोचर अमेरिका से बाहर की सबसे शक्तिशाली महिलाओं में शामिल

भारत की शीर्ष महिला बैंकर्स, एसबीआई प्रमुख अरंधती भट्टाचार्य, आईसीआईसीआई बैंक प्रमुख चंदा कोचर और एक्सिस बैंक की मुख्य कार्यकारी शिखा शर्मा, अमेरिका से बाहर विश्व की 50 सबसे शक्तिशाली महिलाओं में शामिल हैं. यह बात फार्च्यून की एक लिस्ट में कही गई जिसमें शीर्ष स्थान बैंकों सैंटेंडर की प्रमुख ऐना बोटीन को मिला है. फार्च्यून की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 50 शीर्ष शक्तिशाली महिलाओं की सूची में 60 वर्षीय भट्टाचार्य दूसरे स्थान पर जबकि कोचर पांचवें और शर्मा 19वें स्थान पर हैं. इस सूची में अमेरिका से बाहर की महिलाओं को शामिल किया गया है.
2016 की सूची में 19 देशों को शामिल किया गया है. फार्च्यून ने कहा, ‘‘भट्टाचार्य का दर्जा भारत के सबसे बड़े बैंक के प्रमुख के तौर पर तीन साल के कार्यकाल के दौरान बढ़ा है.’’
भारत की शीर्ष महिला बैंकर्स, एसबीआई प्रमुख अरंधती भट्टाचार्य, आईसीआईसीआई बैंक प्रमुख चंदा कोचर और एक्सिस बैंक की मुख्य कार्यकारी शिखा शर्मा, अमेरिका से बाहर विश्व की 50 सबसे शक्तिशाली महिलाओं में शामिल हैं. यह बात फार्च्यून की एक लिस्ट में कही गई जिसमें शीर्ष स्थान बैंकों सैंटेंडर की प्रमुख ऐना बोटीन को मिला है. फार्च्यून की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 50 शीर्ष शक्तिशाली महिलाओं की सूची में 60 वर्षीय भट्टाचार्य दूसरे स्थान पर जबकि कोचर पांचवें और शर्मा 19वें स्थान पर हैं. इस सूची में अमेरिका से बाहर की महिलाओं को शामिल किया गया है.
फार्च्यून ने कहा कि 57 साल की शिखा शर्मा ने एक्सिस बैंक को एक मामूली बैंक से देश के निजी क्षेत्र के सबसे अधिक तेजी से विकास दर्ज करने वाले बैंक में बदल दिया जिसका राजस्व 2015 में 15 प्रतिशत बढ़कर 7.9 अरब डॉलर हो गया. इसकी 1,800 शहरों और कस्बों में 3000 ब्रांच हैं.
फार्च्यून ने कहा कि ICICI बैंक की मैनेजिंग डाइरेक्टर और सीईओ 54 साल की चंदा कोचर बाकी के बैंकर्स को कड़ी टक्कर दे रही हैं. उनकी तारीफ में कहा गया कि भारत के प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े और 139 अरब डॉलर की टोटल वैल्यू वाले बैंक के प्रमुख के तौर पर उन्होंने देश के कस्टमर्स के खुदरा कारोबार में बड़ा परिवर्तन किया.
मार्केट वैल्यू के हिसाब से यूरो ज़ोन के सबसे बड़े बैंक, बैंकों सैंटेंडर की समूह कार्यकारी अध्यक्ष, बोटीन ने ऐसे वक्त में एक बार फिर से टॉप पोज़िशन हासिल किया है, जबकि हर जगह आर्थिक और राजनीतिक उतार-चढ़ाव का माहौल है.