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(Source:  Poll of Polls)

स्पर्म काउंट कम है और प्लानिंग कर रहे हैं बच्चे की तो ये खबर पढ़ लें

एबीपी न्यूज़   |  11 Jul 2018 07:14 PM (IST)
स्पर्म काउंट कम है और प्लानिंग कर रहे हैं बच्चे की तो ये खबर पढ़ लें
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जी हां, अब ऐसे पुरुष जिनके स्पर्म काउंट कम है, उनके इन्ट्रासाइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन (इक्सी) के जरिए स्पर्म काउंट बढ़ाया जा सकता है. फोटोः गूगल फ्री इमेज

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अक्सर देखा गया है कि स्पर्म काउंट की कमी के चलते कपल्स बच्चे को जन्म नहीं दे पाते. ऐसे लोगों को अब चिंता की जरूरत नहीं है. फोटोः गूगल फ्री इमेज

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पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे जहरीले कण, जो हमारे बालों से भी 30 गुना ज्यादा बारीक और पतले होते हैं, उनसे युक्त हवा जब सांस के जरिए हमारे फेफड़ों में जाती है, तो उसके साथ उसमें घुले कॉपर, जिंक, लेड जैसे घातक तत्व भी हमारे शरीर में चले जाते हैं, जो प्रकृति में एस्ट्रोजेनिक और एंटीएंड्रोजेनिक होते हैं. लंबे समय तक जब हम ऐसे जहरीले कणों से युक्त हवा में सांस लेते हैं, तो उसकी वजह से संबंध बनाने की इच्छा पैदा करने के लिए जरूरी टेस्टोस्टेरॉन और स्पर्म सेल के प्रोडक्शन में कमी आने लगती है. फोटोः गूगल फ्री इमेज

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आईवीएफ विशेषज्ञ, डॉ. अरविंद वैद के अनुसार, पुरुषों में फर्टिलिटी कम होती जा रही है. इसका सबसे पहला और प्रमुख संकेत संभोग की इच्छा में कमी के रूप में सामने आता है. स्पर्म सेल्स के खाली रह जाने और उनका अधोपतन होने के पीछे जो मैकेनिज्म मुख्य कारण के रूप में सामने आता है, उसे एंडोक्राइन डिसरप्टर एक्टिविटी कहा जाता है, जो एक तरह से हारमोन्स का असंतुलन है. फोटोः गूगल फ्री इमेज

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दरअसल, वातावरण में मौजूद प्रदूषण पुरुषों की फर्टिलिटी प्रभावित कर रहा है. महिलाओं में प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भपात के पीछे भी यह एक प्रमुख कारण है. जहरीली हवा में सांस लेने की वजह से पुरुषों में शुक्राणुओं के खराब होने और स्पर्म काउंट में कमी आने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं. इसके चलते कई बार कोशिश करने के बाद भी गर्भधारण नहीं हो पाता है. फोटोः गूगल फ्री इमेज

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शुक्राणु की कम मात्रा, धीमी गतिशीलता, खराब गुणवत्ता, मृत और शून्य शुक्राणु में इक्सी तकनीक कारगर है. फोटोः गूगल फ्री इमेज

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पुरुषों में कम शुक्राणु के कारण ही इस तकनीक का आविष्कार हुआ. इसमें महिला के अण्डों को शरीर से बाहर निकालकर लैब में पुरुष के शुक्राणु से इक्सी प्रक्रिया के द्वारा इन्जेक्ट कर भ्रूण तैयार किया जाता है और फिर इस भ्रूण को महिला के गर्भ में प्रत्यारोपित किया जाता है. फोटोः गूगल फ्री इमेज

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इंदिरा आईवीएफ की आईवीएफ विशेषज्ञ, डॉ. निताषा गुप्ता का इस बारे में कहना है कि इक्सी' आईवीएफ की एक अत्याधुनिक तकनीक है. फोटोः गूगल फ्री इमेज

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ये एक्सपर्ट के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.

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