लंदन आतंकी हमला: मारे गए आतंकी की बेटी ने ना पहना बुर्क़ा, ना कबूला इस्लाम!
हार्वी हाल ही में एक प्रॉम नाइट में पहुंची और वहां से उनकी जो तस्वीरें आई हैं उन्हें देखकर यही लगता है कि उसके आतंकी पिता का इस्लाम को लेकर जो ख्याल रहा है उससे वो इत्तेफाक नहीं रखती और वे स्वच्छंद जीवन जीने में विश्वास रखती है.
मसूद के निजी जीवन के बारे में मिली जानकारी के अनुसार उसने अपनी दोनों बेटियों को इस्लाम कबूल करने को कहा था. मसूद की 24 साल की बड़ी एंडी ने तो इस्लाम कबूल कर लिया लेकिन 18 साल की छोटी बेटी हार्वी ने इससे साफ इंकार कर दिया. हार्वी ने बुर्क़ा तक पहनने से भी इंकार कर दिया.
बताते चलें कि यहां बात ब्रिटेन की संसद के पास हमला करने वाले आतंकी खालिद मसूद और उसकी बेटी की हो रही है. मसूद ने संसद पर जो हमला किया था उसमें चार लोगों की हत्या कर 50 से अधिक लोगों को महज़ 82 सेकेंड्स में घायल कर दिया था.
यही नहीं, मसूद की 18 साल की छोटी बेटी हार्वी ने अपने पिता के दबाव के बावजूद इस्लाम कबूल नहीं किया और पश्चिमी सभ्यता की हर निशानी को गहरे उतार लिया.
एक ही परिवार में कितनी विविधताएं होती हैं इसका अंदाज़ा आप इससे लगा सकते हैं कि जिसके पिता ब्रिटेन की संसद के पास आतंकी हमला करने के लिए मारा गया उसकी बेटी ने बुर्खा पहनने से इंकार कर दिया था.