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Hanuman Temple: बाढ़ नहीं, आशीर्वाद माना जाता है माँ गंगा का यह पावन स्पर्श

अणिमा शुक्ला   |  14 Jul 2026 04:19 PM (IST)
Hanuman Temple: बाढ़ नहीं, आशीर्वाद माना जाता है माँ गंगा का यह पावन स्पर्श

प्रयागराज हनुमान मंदिर

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प्रयागराज के पवित्र त्रिवेणी संगम और अकबर के ऐतिहासिक किले के पास स्थित लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध और आस्था से जुड़े मंदिरों में गिना जाता है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ संकटमोचन हनुमान जी की प्रतिमा शयन मुद्रा में विराजमान है. इस अनोखे स्वरूप के दर्शन के लिए हर दिन देश विदेश से हजारों श्रद्धालु यहाँ पहुंचते हैं.

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मंदिर में स्थापित हनुमान जी की विशाल प्रतिमा करीब 20 फीट लंबी मानी जाती है. यह प्रतिमा धरातल से लगभग 6 से 7 फीट नीचे बने पवित्र गर्भगृह में विराजमान है. उनके दाहिने हाथ के नीचे अहिरावण और बाएं हाथ के नीचे कामदा देवी का स्वरूप मौजूद है, जो उनके अद्भुत पराक्रम और दिव्यता का प्रतीक माना जाता है.

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पौराणिक कथाओं के अनुसार, लंका विजय के बाद जब हनुमान जी अत्यधिक थक गए थे, तब उन्होंने प्रयागराज में इसी स्थान पर विश्राम किया था. वहीं एक अन्य मान्यता यह भी कहती है कि रामायण काल में गुरु वशिष्ठ के निर्देश पर इस दिव्य प्रतिमा की स्थापना की गई थी. यही कारण है कि यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है.

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मानसून के दौरान जब गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ता है, तब बाढ़ का पानी मंदिर के गर्भगृह तक पहुँच जाता है और हनुमान जी की प्रतिमा जलमग्न हो जाती है. श्रद्धालु इसे माँ गंगा द्वारा हनुमान जी के चरण पखारने का दिव्य संयोग मानते हैं. इस दुर्लभ दृश्य के दर्शन के लिए हर साल बड़ी संख्या में भक्त प्रयागराज पहुँचते हैं.

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मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है, लेकिन मंगलवार और शनिवार को यहाँ का माहौल बेहद भव्य और भक्तिमय होता है. इन दिनों विशेष आरती, सिंदूर का चोला और लड्डुओं का भोग अर्पित किया जाता है. दर्शन के लिए भक्त घंटों कतार में खड़े रहते हैं और बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

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सनातन परंपरा में लेटे हुए हनुमान जी के दर्शन को अत्यंत शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि जो श्रद्धालु सच्ची श्रद्धा से यहाँ दर्शन करता है, उसके जीवन के संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं. प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में स्नान के बाद इस मंदिर में दर्शन करना धार्मिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है.

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