Chhath Puja 2025: अर्घ्य देने से सूर्य देवता करते हैं चमत्कार, जानें छठ पर्व में जल अर्पण का धार्मिक और वैज्ञानिक लाभ
हिंदू धर्म में छठ पूजा के दौरान उगते और डूबते हुए सूर्य को जल चढ़ाने की परंपरा काफी पुरानी है. यह परंपरा केवल पूजा का एक हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन दर्शन का प्रतीक है.
छठ के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को जल से अर्घ्य दिया जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि सूर्य देव को क्यों अर्घ्य देती हैं. आइए जानते हैं
छठ पर्व पर पहला अर्घ्य डूबते सूर्य को दिया जाता है. सूर्य के अंतिम किरण को इस समय जल में दूध डालकर अर्घ्य दिया जाता है.
कहते हैं कि सूर्य देव को अर्घ्य देने से नकारात्मक विचार खत्म होते हैं, इससे स्वास्थ्य लाभ मिलता है. ऐसा माना जाता है कि सूर्य देव के आशीर्वाद से संतान को अच्छा स्वास्थ्य मिलता है और घर में सुख शांति और समृद्धि आती है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य को जल चढ़ाने के वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित फायदे होते हैं. मानसिक और शारीरिक सकारात्मक मिलती है, ये आंखों के लिए फायदेमंद होता है.
मान्यता है कि इससे शरीर में पॉजिटिव एनर्जी का संचार होता है. सूर्य की किरणों से विटामिन डी मिलता है, जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं.