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Chhath Puja 2025: क्यों छठ पूजा में दिया जाता है सूर्य को अर्घ्य, जानें इसके पीछे का रहस्य

कहकशां परवीन   |  27 Oct 2025 12:51 PM (IST)
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हिंदू धर्म में छठ पूजा का महापर्व बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. चार दिवसीय इस पर्व की शुरुआत हो चुकी है, जो चौथे दिन यानी मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही पूरा होगा.

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आमतौर पर यह पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है. छठ पूजा का तीसरा दिन सबसे अहम माना जाता है. आज के दिन व्रती शाम को डूबते सूर्य को घाट पर अर्घ्य देंगी.

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धार्मिक मान्यता है कि सूर्य देवता जीवन का आधार और शक्ति का स्त्रोत है. कहते हैं कि जो व्यक्ति सूर्य की आराधना करता है, उसे जीवन भर अच्छी सेहत, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है.

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ढलते सूर्य को अर्घ्य देने से कई तरह की विपत्तियां दूर होती हैं. कहा जाता है कि सूर्य नवग्रहों में एकमात्र प्रत्यक्ष देवता है, जिन्हें देखा जा सकता हैं.

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पौराणिक काल से ही सूर्य को आरोग्य और स्वास्थ्य का देवता माना गया है. सूर्य की उपासना से मन में स्थिरता, शरीर में ऊर्जा और जीवन में समृद्धि आती है.

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कहते हैं कि सूर्य को अर्घ्य देना केवल धार्मिक कमांड नहीं, बल्कि जीवन दर्शन से जुड़ा प्रतीक है. आमतौर पर डूबता हुआ सूर्य ये दर्शाता है कि हर अंधकार और कठिनाई का अंत होता है, साथ ही एक नया सवेरा जरूर आता है.

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