Brahma Muhurta Morning Ritual: ब्रह्म मुहूर्त में उठने वाले बनते हैं भाग्यशाली, ये है इसका आध्यात्मिक और वैज्ञानिक रहस्य
हिंदू शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त को बेहद शुभ बताया गया है. ब्रह्म मुहूर्त का अर्थ है 'परमात्मा का समय' और यह सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले का समय होता है, जो कि रात का अंतिम प्रहर होता है. साथ ही ऐसा माना जाता है कि ब्रह्म मुहूर्त में उठने वाले लोग भाग्यशाली होते हैं, आइए जानें विस्तार से.
यह समय सुबह लगभग 4 बजे से 5:30 बजे के बीच माना जाता है. आध्यात्मिक कार्यों के लिए यह समय बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि इस समय वातावरण शांत रहता है. इस समय वातावरण में फैली सकारात्मक ऊर्जा व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करती है, जिससे सोचने समझने की शक्ति में बढ़ोतरी होती है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में जगना अत्यंत शुभ माना जाता है, और इस समय जागने वाले व्यक्ति पर देवी-देवताओं की कृपा सदैव बनी रहती है. इतना ही नहीं ब्रह्म मुहूर्त में जागने की आदत व्यक्ति के जीवन में अपार सफलता दिलाने में सहायक होती है.
वैज्ञानिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में आक्सीजन की मात्रा अधिक होती है और प्रदूषण कम होता है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और फेफड़ों की कार्यप्रणाली बेहतर होती है. इससे मानसिक स्पष्टता, तनाव में कमी और प्रतिरक्षा प्रणाली की मजबूती जैसे लाभ मिलते हैं.
विद्यार्थियों के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय अमृत के सामान है. यह समय याद करने के लिए अत्यंत शुभ होता है. क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस मुहूर्त में पढ़ी गई चीजें जीवन भर याद रहती है.
इस समय वातावरण में सात्विक ऊर्जा होती है, जिससे जप का कई गुना अधिक फल मिलता है और जीवन में सकारात्मकता आती है. यह मंत्र जाप, ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है.