रिफाइंड ऑयल खाना किसी जहर से कम नहीं हो जाए सावधान!
आजकल लोग रिफाइंड ऑयल का बहुत अधिक उपयोग करने लगे हैं, लेकिन यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकता है. रिफाइंड ऑयल के नुकसानों के बारे में लोगों को जागरूक होना बहुत ज़रूरी है.
रिफाइंड ऑयल में ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है जो LDL यानी बुरे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है. यह हृदय रोगों का खतरा बढ़ाता है.
कच्चे तेल में स्वाभाविक रूप से प्रोटीन पाया जाता है लेकिन रिफाइनिंग की प्रक्रिया में ये प्रोटीन हटा दिए जाते हैं. इससे रिफाइंड ऑयल में प्रोटीन की मात्रा बहुत कम हो जाती है. प्रोटीन की कमी शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकती है और कमजोरी का कारण बन सकती है. इसलिए रिफाइंड ऑयल की जगह कच्चे तेल का उपयोग ज्यादा फायदेमंद है.
कच्चे तेल में विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो त्वचा के लिए लाभदायक होते हैं. लेकिन रिफाइनिंग प्रक्रिया में ये सभी नष्ट हो जाते हैं.रिफाइंड ऑयल में मौजूद ट्रांस फैटी एसिड, त्वचा की नमी को कम करते हैं, जिससे रूखापन और झुर्रियां बढ़ती हैं.
रिफाइनिंग की प्रक्रिया में ऑयल से मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड जैसे हेल्दी फैट्स को निकाल दिया जाता है. ये फैट्स हृदय स्वास्थ्य और रक्त शर्करा स्तर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. रिफाइंड ऑयल का नियमित सेवन हृदय रोग और डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है.