Why Antibiotics Are Failing In Humans: लोगों पर नहीं हो रहा एंटीबायोटिक दवाओं का असर, स्टडी में सामने आई चौंकाने वाली वजह?
स्टडी में इन इंफेक्शन के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली 15 एंटीबायोटिक दवाओं की जांच की गई. चौंकाने वाली बात यह रही कि इनमें से 13 दवाओं पर बैक्टीरिया ने 40 प्रतिशत से ज्यादा रेजिस्टेंस दिखाया. एक दवा पर तो यह आंकड़ा 78 प्रतिशत तक पहुंच गया.
एसएमएस अस्पताल में इंफेक्शन रोगों के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील माहावर ने इस स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया. उनके मुताबिक, एसिनेटोबैक्टर इंफेक्शन आमतौर पर गंभीर बीमारियों से जुड़ा होता है.
डॉक्टरों के अनुसार यह बैक्टीरिया घावों के इंफेक्शन, यूरिन इन्फेक्शन और निमोनिया जैसी समस्याएं पैदा करता है. खासकर ट्रॉमा मरीजों, यूरिन कैथेटर लगाए गए लोगों और वेंटिलेटर पर मौजूद मरीजों में इसका खतरा ज्यादा रहता है.
स्टडी में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बढ़ने के पीछे कई वजहें बताई गई हैं. बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक खरीदना, गलत तरीके से इनका इस्तेमाल और वायरल बीमारियों में बेवजह एंटीबायोटिक देना इसकी बड़ी वजह मानी गई है.
रिसर्च में एसिनेटोबैक्टर इंफेक्शन के 1,766 मामलों का एनालिसिस किया गया. डॉक्टरों का कहना है कि ये दवाएं पूरी तरह बेअसर नहीं हुई हैं, लेकिन इनके असर में पहले के मुकाबले भारी गिरावट दर्ज की गई है.
स्टडी में यह भी सामने आया कि कई आम एंटीबायोटिक्स पर बैक्टीरिया ने जबरदस्त रेजिस्टेंस दिखाया, जबकि टाइगेसाइक्लिन और कोलिस्टिन ऐसी दवाएं रहीं जिन पर अभी कोई रेजिस्टेंस नहीं मिला. हालांकि एक्सपर्ट ने चेताया है कि अगर लापरवाही जारी रही तो आगे स्थिति और गंभीर हो सकती है.