Vitamin Deficiency For Mental Health : डिप्रेशन और एंग्जायटी का छिपा कारण हो सकती है शरीर में इन विटामिन्स की कमी, ऐसे पहचानें संकेत

Vitamin Deficiency For Mental Health : आजकल तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन को ज्यादातर लोग सिर्फ भागदौड़ भरी जिंदगी, काम का दबाव, नींद की कमी या रिश्तों की परेशानियों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन कई बार असली वजह हमारे शरीर के अंदर छिपी होती है.हम जो खाना खाते हैं, उसमें अगर जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी हो जाए, तो इसका सीधा असर हमारे दिमाग के केमिकल्स पर पड़ता है. जब शरीर को सही पोषण नहीं मिलता, तो दिमाग के केमिकल्स असंतुलित हो जाते हैं और इंसान को बिना वजह थकान, चिड़चिड़ापन, उदासी या घबराहट महसूस होने लगती है. ऐसे में आइए आज हम आपको ऐसे जरूरी पोषक तत्वों के बारे में बताते हैं, जिनकी कमी मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है.
दिमाग में बनने वाले सेरोटोनिन, डोपामिन और GABA जैसे केमिकल हमारे मूड, सोचने की क्षमता और मानसिक संतुलन को नियंत्रित करते हैं. डॉक्टरों के अनुसार कई लोग ऐसे लक्षणों के साथ आते हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि समस्या मानसिक है, लेकिन असल में वजह पोषण की कमी भी हो सकती है.
विटामिन D को अक्सर हड्डियों के लिए जरूरी माना जाता है, लेकिन यह दिमाग के लिए भी बहुत अहम है. इसकी कमी से व्यक्ति को लगातार थकान महसूस होती है. मूड अक्सर उदास या भारी रहता है. काम करने का मन कम हो जाता है. आजकल लोग ज्यादातर समय घर या ऑफिस में रहते हैं, जिससे धूप कम मिलती है. इसी कारण विटामिन D की कमी बहुत आम हो गई है.
विटामिन B12 नसों और दिमाग के लिए बहुत जरूरी है. इसकी कमी से याददाश्त कमजोर हो सकती है. ध्यान लगाने में परेशानी होती है. बिना कारण घबराहट और उदासी महसूस हो सकती है. लगातार थकान और ब्रेन फॉग (दिमाग सुस्त लगना) होता है. यह कमी खासकर शाकाहारी लोगों और बुजुर्गों में ज्यादा देखी जाती है.
विटामिन B6 और फोलिक एसिड (B9) दोनों विटामिन दिमाग में हैप्पी हार्मोन बनाने में मदद करते हैं. सेरोटोनिन और डोपामिन का संतुलन बनाए रखते हैं. भावनात्मक स्थिरता में मदद करते हैं. कमी होने पर चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग बढ़ सकते हैं. व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर जल्दी परेशान हो सकता है.
मैग्नीशियम शरीर को शांत रखने में मदद करता है. इसे नेचुरल रिलैक्सिंग मिनरल भी कहा जाता है. इसकी कमी से नींद खराब हो सकती है. बेचैनी और घबराहट बढ़ सकती है. सिरदर्द और मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है. व्यक्ति हर समय तनाव में महसूस कर सकता है.
आयरन शरीर में खून बनाने और ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है. इसकी कमी से शरीर और दिमाग दोनों थक जाते हैं. ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है. कमजोरी और सुस्ती महसूस होती है. लंबे समय तक रहने पर मूड भी प्रभावित होता है. यह समस्या महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है.
इन सभी विटामिन और मिनरल्स की कमी एक दिन में असर नहीं दिखाती, बल्कि धीरे-धीरे शरीर और दिमाग को कमजोर करती है. शुरुआत में सिर्फ थकान या आलस लगता है. बाद में चिंता, तनाव और उदासी बढ़ने लगती है. ध्यान और सोचने की क्षमता कम हो जाती है. व्यक्ति खुद को मानसिक रूप से अस्थिर महसूस करने लगता है.