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थकान के बाद भी नहीं आती नींद? जानें इसके पीछे की वजह और आसान उपाय
हम अक्सर इतना थक जाते हैं कि लगता है बिस्तर पर लेटते ही गहरी नींद आ जाएगी, लेकिन हकीकत कई बार इसके उलट होती है. शरीर तो थका होता है, लेकिन नींद गायब रहती है.
दिनभर की भागदौड़, काम का दबाव, ट्रैफिक, मोबाइल और जिम्मेदारियों के बीच हम अक्सर इतना थक जाते हैं कि लगता है बिस्तर पर लेटते ही गहरी नींद आ जाएगी, लेकिन हकीकत कई बार इसके उलट होती है. शरीर तो थका होता है, लेकिन दिमाग शांत होने का नाम ही नहीं लेता है. आप बिस्तर पर लेटकर छत देखते रहते हैं, फोन चलाते रहते हैं या बार-बार करवट बदलते रहते हैं और नींद गायब रहती है. इस स्थिति को आसान भाषा में समझें तो इसे थके हुए लेकिन जागे हुए जैसा कहा जा सकता है, यह आजकल बहुत आम समस्या बनती जा रही है, खासकर उन लोगों में जो तनाव भरी और तेज रफ्तार जिंदगी जी रहे हैं. नींद की कमी सिर्फ थकान ही नहीं बढ़ाती, बल्कि दिमाग, मूड और सेहत पर भी बुरा असर डालती है.
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दिनभर की चिंता, काम का दबाव या निजी समस्याएं दिमाग को शांत नहीं होने देतीं, जब आप तनाव में होते हैं, तो शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (कोर्टिसोल) बढ़ जाता है,जो आपको सतर्क रखता है., यही कारण है कि थके होने के बावजूद नींद नहीं आती है, ऐसे में सोने से पहले गहरी सांस लें, हल्का ध्यान (मेडिटेशन) करें और अपने विचार डायरी में लिखें.
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सोने से पहले फोन चलाना आज सबसे बड़ी समस्या बन चुका है. मोबाइल, टीवी या लैपटॉप से निकलने वाली नीली रोशनी नींद लाने वाले हार्मोन (मेलाटोनिन) को कम कर देती है. इसलिए सोने से कम से कम 1 घंटा पहले स्क्रीन बंद करें, किताब पढ़ने की आदत डालें और नाइट मोड का इस्तेमाल करें.
Published at : 26 Mar 2026 08:45 AM (IST)
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प्रेम कुमारJournalist
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