एक्सप्लोरर
ये लक्षण दिखें तो समझ जाएं बच्चेदानी में बन रही है गांठ, तुरंत कराएं टेस्ट
बच्चेदानी यानी यूट्रस महिलाओं के शरीर का एक जरूरी पार्ट होता है, इसका सबसे बड़ा काम होता है बेबी कंसीव करना और उसमें बच्चे की ग्रोथ करना.
आजकल की खराब लाइफस्टाइल के बीच बच्चेदानी में गांठ होना एक आम समस्या बनती जा रही है. इस समस्या को मेडिकल में यूट्रस फाइब्रोइड कहते हैं. बच्चेदानी यानी यूट्रस महिलाओं के शरीर का एक जरूरी पार्ट होता है, इसका सबसे बड़ा काम होता है बेबी कंसीव करना और उसमें बच्चे की ग्रोथ करना. एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर कोई महिला मां बनना चाहती है, तो उसकी बच्चेदानी का हेल्दी होना बहुत जरूरी है. लेकिन बच्चेदानी में होने वाली गांठ की समस्या के कारण इसे हेल्दी रखना मुश्किल हो गया है.
1/5

यूट्रस फाइब्रोइड को बच्चेदानी में गांठ होना कहा जाता है. ये एक तरह की रसौली यानी ट्यूमर होता है, लेकिन आमतौर पर ये कैंसर वाली नहीं होती है.
2/5

महिलाओं की बच्चेदानी में गांठ होने के कई कारण होते हैं, तो आइए पहले इन कारणों को जानते हैं. जैसे हार्मोन का असंतुलन, गलता या अनहेल्दी लाइफस्टाइल, परिवार में किसी को पहले से यह समस्या होना यानी जेनेटिक कारण और PCOS या PCOD की समस्या होना.
3/5

एक्सपर्ट्स के अनुसार, जिन महिलाओं को PCOS या PCOD की समस्या होती है, उनमें बच्चेदानी में गांठ होने की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. इसके अलावा जल्दी पीरियड्स आने से यह समस्या, ज्यादा वजन, खराब खानपान जैसे बहुत ज्यादा मांस, फैट और पैक्ड फूड खाना और हरी सब्जी, फल, दूध कम लेना भी बच्चेदानी में गांठ होने का कारण हो सकता है.
4/5

चलिए अब आपको बच्चेदानी में गांठ होने के लक्षण बताते हैं. इसका सबसे पहला लक्षण बहुत ज्यादा या लंबे समय तक पीरियड्स आना या पीरियड्स के समय बहुत ज्यादा खून आना या खून के थक्के आना, पेट के नीचे दर्द या भारीपन महसूस होना, बार-बार पेशाब आना, कब्ज होना, पीठ या पैरों में दर्द या सूजन, ज्यादा कमजोरी, थकान, चक्कर और सांस फूलना हैं.
5/5

ऐसे में अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देता है तो तुरंत डॉक्टर से मिलें, हालांकि डॉक्टर आमतौर पर अल्ट्रासाउंड, एमआरआई और हिस्टेरोस्कोपी टेस्ट कराने की सलाह देते हैं.
Published at : 11 Jun 2025 11:49 AM (IST)
और देखें























