माइक्रोवेब में खाना गर्म करते वक्त ये गलती तो नहीं करते आप, हो सकता है कैंसर

आज के समय में माइक्रोवेव हर घर की रसोई का हिस्सा बन गया है. ऑफिस हो, घर हो या होटल माइक्रोवेव का इस्तेमाल हर जगह होता है. खासकर सर्दियों में, जब खाने को गरम करने की जरूरत बढ़ जाती है, माइक्रोवेव बेहद काम आता है. हालांकि, बहुत से लोग मानते हैं कि माइक्रोवेव से निकलने वाला रेडिएशन खाने को रेडियोएक्टिव बना सकता है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है. ऐसे में चलिए जानते हैं कि माइक्रोवेब में खाना गर्म करते वक्त कौन सी गलती न करें और इससे कैंसर कैसे हो सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन और कैंसर रिसर्च संस्थानों के अनुसार, माइक्रोवेव में खाना गर्म करने से कैंसर का कोई सबूत नहीं है. माइक्रोवेव से निकलने वाला रेडिएशन सिर्फ खाना गर्म करने के लिए होता है और यह खाने को रेडियोएक्टिव नहीं बनाता है. हालांकि, कुछ गलतियां भारी पड़ सकती हैं.
माइक्रोवेव में हमेशा माइक्रोवेव सेफ बर्तनों का ही यूज करें. गलत बर्तन, जैसे कुछ प्लास्टिक के डिब्बे, गर्म होने पर हानिकारक केमिकल छोड़ सकते हैं. एल्यूमिनियम फॉयल या धातु के बर्तन कभी भी माइक्रोवेव में न डालें.
प्लास्टिक बर्तनों में खाना गर्म करना प्रेगनेंट महिलाओं के लिए विशेष रूप से हानिकारक हो सकता है. केमिकल खाने में मिलकर स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकते हैं. इसलिए कांच या सिरेमिक के बर्तन ज्यादा सुरक्षित हैं.
कई लोग सोचते हैं कि माइक्रोवेव पोषक तत्व नष्ट कर देता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि पोषक तत्वों का नुकसान उतना ही होता है जितना नॉर्मल उबाल या स्टोव पर पकाने में होता है. सही समय और टेंपरेचर पर खाना गर्म करने से पोषण सुरक्षित रहता है.
माइक्रोवेव में खाना ज्यादा देर तक गर्म करना नुकसान कर सकता है. यह न सिर्फ टेस्ट को खराब करता है बल्कि बर्तन या ओवन को भी नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए सिर्फ खाने को गर्म करते वक्त इस बात का ध्यान जरूर रखें.
खाना गर्म करते समय ढक्कन को पूरी तरह बंद न करें. हल्का खुला रखने से भाप बाहर निकल जाती है और डब्बा फटने या ओवरफ्लो होने से बच जाता है.
ओवन को नियमित रूप से साफ करना और समय-समय पर चेक करवाना जरूरी है. खराब माइक्रोवेव या गंदे ओवन से खाना गर्म करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है.