ज्यादा ठंडा और ज्यादा गर्मी हार्ट अटैक वाले मरीजों के लिए क्यों खतरनाक होता है?

हार्ट अटैक से गुजर चुके मरीजों के लिए उनका स्वास्थ्य बहुत नाजुक हो जाता है. ऐसे में मौसम में होने वाले बदलाव, खासकर ज्यादा ठंडा और ज्यादा गर्मी, उनके लिए खतरनाक होते है. आइए जानते हैं क्यों और इससे कैसे बचा जा सकता है.
ठंड का असर रक्त वाहिकाओं का संकुचित होना: ठंड के मौसम में हमारी रक्त वाहिकाएं संकुचित हो जाती हैं. इससे खून का प्रवाह कम हो जाता है और हार्ट को अधिक मेहनत करनी पड़ती है.
ब्लड प्रेशर बढ़ना: ठंड में ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जिससे हार्ट पर ज्यादा दबाव पड़ता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है.
गर्मी का असर पसीना और डिहाइड्रेशन: ज्यादा गर्मी में पसीना अधिक आता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है. डिहाइड्रेशन से ब्लड गाढ़ा हो जाता है और हार्ट को पंप करने में कठिनाई होती है.
हाई ब्लड प्रेशर: गर्मी में भी ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जिससे हार्ट पर दबाव पड़ता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है.
शरीर का तापमान: गर्मी के मौसम में शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जिससे हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.