सिरदर्द के 10 Red Alert जिन्हें देखते ही हो जाएं अलर्ट, जरा सी लापरवाही बन सकती है मौत का कारण
स्पिरिचुअल गुरु जग्गी वसुदेव 'सद्गुरु' सिर की सर्जरी के बाद अब धीरे-धीरे रिकवर हो रहे हैं. उनके ब्रेन में लगातार ब्लीडिंग हो रही थी, जिसे वह बार-बार नजरअंदाज कर रहे थे. उन्हें बहुत ज्यादा सिरदर्द हो रहा था. कई बार सिरदर्द इतना गंभीर होता है कि उसे इग्नोर करना भारी पड़ सकता है.
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सही समय पर सिरदर्द को गंभीरता से न लिया जाए तो ये जानलेवा भी हो सकता है. आइए जानते हैं सिरदर्द कब नॉर्मल और कब गंभीर हो जाता है...
डॉक्टर के मुताबिक, सिरदर्द काफी सामान्य होता है. माइग्रेन या टेंशन की वजह से सिरदर्द हो सकता है. ये ज्यादा गंभीर नहीं होते हैं. हालांकि, ये भी जरूरी नहीं हर सिरदर्द नॉर्मल ही हो.
कुछ हेडेक (Headache Red Alert) ऐसे भी होते हैं, जिनका अगर समय पर इलाज न किया जाए तो कई तरह की शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं. यहां तक कि इससे मौत भी हो सकती है.
सबएरेकनॉइड हैमरेज से होने वाला सिरदर्द सबसे खतरनाक माना जाता है. अगर सिरदर्द की वजह से नींद टूट जा रही है, सुबह उठने के बाद बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है या फिर इसकी वजह से उल्टी या देखने में समस्या हो रही है तो इसकी वजह से ब्रेन ट्यूमर भी हो सकता है.
सिरदर्द के साथ अगर बुखार, दौरे आएं तो सावधान हो जाना चाहिए, यह इनसेफेलाइटिस या ब्रेन फीवर का लक्षण हो सकता है. सिरदर्द, बुखार के साथ अलर्टनेस में परेशानी होने पर मेनिंजाइटिस हो सकता है.
अगर सिरदर्द में पेन किलर भी असर न करे तो सावधान हो जाना चाहिए. बार-बार बहुत ज्यादा सिरदर्द होना, हाथ या पैर में कमजोरी होना.
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बहुत ज्यादा सिरदर्द करने पर या इन 10 लक्षणों में से कुछ भी नजर आने पर गंभीर हो जाना चाहिए. जितना जल्दी हो सके न्यूरोलॉजिस्ट से जाकर मिलना चाहिए. उनकी सलाह पर सीटी स्कैन या MRI करवाना चाहिए. इसका समय पर इलाज करने से समस्या जल्दी दूर हो सकती है.