Uric Acid Myth Dal: दाल बनाते समय झाग हटाना सही या गलत, क्या इसमें सच में होता है यूरिक एसिड?

भारतीय घरों में दाल लगभग हर दिन बनती है. लेकिन जब दाल उबलती है तो उसके ऊपर सफेद या हल्का भूरा झाग दिखने लगता है. कई लोग इसे गंदगी मानकर तुरंत हटा देते हैं, जबकि कुछ लोग कहते हैं कि यही झाग शरीर में यूरिक एसिड बढ़ाता है. सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर कई तरह की बातें चलती रहती हैं. लेकिन सच क्या है, इसे समझना जरूरी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक दाल में मौजूद सैपोनिन, प्रोटीन और स्टार्च की वजह से उबालते समय झाग बनता है.
जब दाल पानी में उबलती है तो उसमें मौजूद कुछ नेचुरल तत्व बाहर आने लगते हैं. इनमें सबसे ज्यादा सैपोनिन नाम का तत्व होता है. इसका नाम लैटिन शब्द “सैपो” से आया है, जिसका मतलब साबुन होता है. यही कारण है कि पानी में उबलते समय यह झाग जैसा दिखता है. इसके अलावा दाल में मौजूद प्रोटीन और स्टार्च भी गर्मी मिलने पर ऊपर आने लगते हैं और फोम जैसा बन जाता है. वैज्ञानिक भाषा में इसे एक सामान्य प्रक्रिया माना जाता है.
कुछ एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर झाग ज्यादा हो तो उसे हटाया जा सकता है, क्योंकि उसमें टूटे हुए प्रोटीन और कुछ अशुद्धियां भी हो सकती हैं. वहीं कई हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह झाग नुकसानदायक नहीं होता और इसे लेकर डरने की जरूरत नहीं है. यानी अगर आप झाग हटा देते हैं तो भी ठीक है और नहीं हटाते तब भी कोई बड़ी परेशानी नहीं होती. यह पूरी तरह आपकी पसंद और खाना बनाने के तरीके पर निर्भर करता है.
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दाल का झाग यूरिक एसिड बढ़ाता है? एक्सपर्ट्स के अनुसार इसका सीधा जवाब “नहीं” है. यूरिक एसिड बढ़ने का मुख्य कारण शरीर में प्यूरीन नाम के तत्व का ज्यादा जमा होना होता है. आमतौर पर रेड मीट, शराब, कुछ सी-फूड और ज्यादा प्रोसेस्ड चीजें यूरिक एसिड बढ़ाने के लिए जिम्मेदार मानी जाती हैं. दाल में प्यूरीन की मात्रा बहुत ज्यादा नहीं होती। इसलिए दाल या उसके झाग को सीधे यूरिक एसिड से जोड़ना सही नहीं माना जाता.
सोशल मीडिया पर फैली गलत बातों की वजह से कई लोग दाल कम खाने लगे हैं. जबकि दाल प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत मानी जाती है. साथ ही शरीर को ताकत देने के साथ यह पेट को भी लंबे समय तक भरा रखती है. डॉक्टर और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स भी रोजाना संतुलित मात्रा में दाल खाने की सलाह देते हैं. अगर किसी को पहले से यूरिक एसिड की समस्या है तो उसे अपनी पूरी डाइट डॉक्टर की सलाह से तय करनी चाहिए, सिर्फ दाल के झाग से डरने की जरूरत नहीं है.
दाल को पकाने से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी है. कई लोग दाल को कुछ देर भिगोकर भी रखते हैं, जिससे वह जल्दी पकती है. उबालते समय अगर ऊपर ज्यादा झाग दिखे और आपको अच्छा न लगे तो चम्मच से हल्का हटाया जा सकता है. लेकिन इसे बीमारी या जहर समझना गलत है. सबसे जरूरी बात यह है कि दाल साफ पानी में और सही तरीके से पकाई जाए. ज्यादा तेल-मसाले डालने के बजाय हल्की और घर वाली दाल शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है.
दाल को पकाने से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी है. कई लोग दाल को कुछ देर भिगोकर भी रखते हैं, जिससे वह जल्दी पकती है. उबालते समय अगर ऊपर ज्यादा झाग दिखे और आपको अच्छा न लगे तो चम्मच से हल्का हटाया जा सकता है. लेकिन इसे बीमारी या जहर समझना गलत है. सबसे जरूरी बात यह है कि दाल साफ पानी में और सही तरीके से पकाई जाए. ज्यादा तेल-मसाले डालने के बजाय हल्की और घर वाली दाल शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है.