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पीरियड्स के ब्लड फ्लो से भी लगा सकते हैं कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का पता, ये है तरीका
कुछ महिलाएं पीरियड्स में लाइट ब्लीडिंग या स्पॉटिंग की शिकायत करती हैं, तो कुछ महिलाओं को इस दौरान हैवी ब्लीडिंग होती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पीरियड्स के दौरान कितनी ब्लीडिंग नॉर्मल होती है.
पीरियड्स एक नेचुरल प्रोसेस है, जिससे हर महिला को गुजरना पड़ता है. इस दौरान महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है. पीरियड्स के दौरान महिलाएं पेट में तेज दर्द, पैरों में दर्द और ऐंठन की समस्या से परेशान रहती हैं. वहीं कुछ महिलाएं पीरियड्स में लाइट ब्लीडिंग या स्पॉटिंग की शिकायत करती हैं, तो कुछ महिलाओं को इस दौरान हैवी ब्लीडिंग होती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पीरियड्स के दौरान कितनी ब्लीडिंग नॉर्मल होती है और इससे कैसे कैंसर और गंभीर बीमारियों गंभीर बीमारी का पता लगा सकते हैं.
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पीरियड्स के दौरान 30 से 80 मिलीलीटर के बीच ब्लीडिंग नॉर्मल होती है और अगर 80 मिलीलीटर से ज्यादा ब्लीडिंग होती है, तो उसे हैवी ब्लीडिंग माना जाता है. कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, नॉर्मल पीरियड्स ब्लीडिंग हर महीने लगभग 30 से 60 मिलीलीटर होती है, लेकिन हैवी ब्लीडिंग 80 मिलीलीटर से ज्यादा को ही माना जाता है.
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महिलाओं के पीरियड ब्लीडिंग की मात्रा हर महिला के लिए अलग हो सकती है. सामान्य तौर पर पीरियड्स के दौरान महिलाओं को 2 से 7 दिनों तक ब्लीडिंग होती है. जिसमें 30 मिलीलीटर नॉर्मल ब्लीडिंग होती है, 80 मिलीलीटर हैवी ब्लीडिंग और 120 मिलीलटर सबसे हैवी ब्लीडिंग होती है, जो कैंसर और गंभीर बीमारियों गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है.
Published at : 21 May 2025 01:04 PM (IST)
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