Emirati Women Leaders: बुरका छोड़ दुनिया पर छाईं यूएई की 'शेखा', शाही अंदाज और कारोबारी मिजाज से सबको किया हैरान

यूएई का नाम आते ही अक्सर दुबई की चमकती इमारतें और अबू धाबी की सांस्कृतिक पहचान सामने आती है, लेकिन आज असली बदलाव उन महिलाओं के जरिए दिख रहा है, जो शेखा की परिभाषा को नए तरीके से गढ़ रही हैं.
अब वह दौर नहीं रहा, जब शाही महिलाएं सिर्फ पर्दे के पीछे रहती थीं. आज की महिलाएं बिजनेस, खेल और समाज सेवा में अपनी पहचान बना रही हैं और ग्लोबल स्तर पर प्रेरणा बन रही हैं.
पिछले कुछ साल में शेखा महरा ने अपनी अलग पहचान बनाई है. उन्होंने अपने निजी फैसलों को खुलकर सामने रखा और परंपराओं को चुनौती देते हुए आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की.
उन्होंने अपने जीवन के नए सफर को अपनाते हुए एक परफ्यूम ब्रांड लॉन्च किया और सिंगल मदर के रूप में आगे बढ़ीं. हाल ही में उनकी सगाई की खबर ने भी उन्हें चर्चा में बनाए रखा.
शेखा बोडूर अल कासिमी शिक्षा और पब्लिशिंग के क्षेत्र में बड़ा नाम बन चुकी हैं।. वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लीडरशिप निभा रही हैं और ज्ञान के जरिए बदलाव ला रही हैं.
शारजाह के विकास और शिक्षा संस्थानों में उनकी अहम भूमिका है. वह दिखाती हैं कि परंपरा और आधुनिक सोच साथ-साथ चल सकती है.
शेखा मादिया खेल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैं. वह माउंटेन बाइकिंग और घुड़सवारी जैसी कठिन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती हैं. उनका संदेश साफ है महिलाएं हर चुनौती का सामना कर सकती हैं. उनकी मेहनत और जुनून नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रहा है.
शेखा फातिमा बिंत हज्जा शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर काम कर रही हैं. उन्होंने महिलाओं के लिए स्कॉलरशिप और खेल से जुड़ी पहल शुरू की हैं. उनका मानना है कि समाज की ताकत उसकी महिलाओं में होती है. इसी सोच के साथ वह अगली पीढ़ी को मजबूत बनाने में जुटी हैं.