LGBT कम्युनिटी के लोगों ने दिल्ली में निकाला क्वीर प्राइड मार्च
फिलहाल भारत में समलैंगिक यानि एक ही जेंडर/लिंग के लोगों का एक-दूसरे से संबंध बनाना अपराध है और इसके लिए 10 साल तक की सजा हो सकती है.
एलजीबीटी समुदाय के लोगों का मानना है कि उन्हें लेकर धीरे-धीरे लोगों की मानसिकता बदल रही है, फिर भी उनके सामने कई तरह की चुनौतियां हैं.
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हालांकि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में गे संबंध बनाना अपराध नहीं है. लेकिन भारत जैसे देश में जहां अलग-अलग धर्म और जाति को मानने वाले लोग हैं. ऐसे में समलैंगिकता एक जटिल विषय है.
साल 2009 में दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला दिया था कि अगर कोई सहमति से समलैंगिक संबंध बनाता है तो यह अपराध नहीं होगा. लेकिन बाद में साल 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया. सुप्रीम कोर्ट ने अपनी व्याख्या में बताया कि किसी तरह का अप्राक़तिक संबंध गैरकानूनी है.
इस परेड का उद्देश्य एलजीबीटी क्म्युनिटी के लोगों के साथ हो रहे भेदभाव की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित करना था.
रविवार को दिल्ली में क्वीर कम्युनिटी के लोगों ने नौवें क्वीर प्राइड परेड का आयोजन किया. जिसमें लेस्बियन, गे, बाईसेक्सुअल और ट्रांसजेंडर (एलजीबीटी) समुदाय के लोगों और समर्थकों ने हिस्सा लिया. परेड में सैकड़ों गे राइट्स कार्यकर्ताओं ने हो रहे भेदभाव के खिलाफ अपनी आवाज उठाई.
रविवार को इस परेड में लोगों के जीवन के कई रंग देखने को मिले.