इन भारतीयों ने दायर की धारा 377 को गलत ठहराने की याचिका, बदलवाया कानून
आज सुप्रीम कोर्ट ने धारा 377 पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया जिसमें आपसी सहमति से और एकांत में बने समलैंगिक संबंधों को कानूनी मान्यता दे दी. इसके बाद एलजीबीटी कम्यूनिटी में खुशी की लहर दौड़ गई. ऐसे में आपके लिए ये जानना जरूरी है कि किन लोगों ने इस कानून के खिलाफ याचिका डाली थी जिस पर आज ये फैसला आया है. तस्वीर: पीटीआई
इस लिस्ट में सबसे पहले डांसर और संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड जीत चुके नवतेज सिंह जौहर का नाम है जिन्होंने धारा 377 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जून, 2016 में याचिका दायर की थी. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने आज याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अपने फैसले में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को सुरक्षित रखते हुए एलजीबीटीक्यू अधिकारों को सही ठहराया. तस्वीर: फेसबुक
वहीं सूची में वरिष्ठ पत्रकार, स्टोरीटेलर और योग गुरू सुनील मेहरा हैं. यह भी उस लिस्ट में शामिल हैं जिन्होंने 377 की धारा पर याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाली थी. तस्वीर: फेसबुक
वहीं अमरनाथ ने भी धारा 377 का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट मे याचिका दायर की थी. अमरनाथ एक भारतीय लेखक और देशभर में बने नीमराणा होटल्स के को-फाउंडर भी हैं. तस्वीर: फेसबुक
एक समय वह था जब ऋतु डालमिया एक ही जेंडर के लोगों के आकर्षण की भावना को नहीं समझ पाती थी. लेकिन आज सेलिब्रिटी शेफ ने ना केवल अपनी सेक्सुएलिटी के लिए ही नहीं बल्कि समलैंगिकों की भावना को समझते हुए उन्हें अधिकार दिलाने के लिए लड़ाई भी लड़ी. बता दें कि डालमिया एक एंटरप्रेन्योर हैं. तस्वीर: फेसबुक
धारा 377 का विरोध करने वालों में आखिरी और पांचवें याचिकाकर्ता केशव सूरी हैं. इस साल जून में केशव सूरी ने अपने ब्वॉयफ्रेंड Cyril Feuillebois से पेरिस में शादी की थी. इसके बाद ही हनीमून मनाने के लिए मोरक्को चले गए थे. केशव ने एलजीबीटीक्यू अधिकारों के लिए लड़ाई की और देश भर में इसके प्रति लोगों के बीच अवेयरनेस की मुहिम भी छेड़ी. तस्वीर: फेसबुक