96 साल की उम्र में केरल की कार्तियानी अम्मा ने रचा इतिहास
अम्मा बताती हैं कि उन्होंने बचपन में पैसे ना होने की वजह से स्कूलिंग पूरी की. फिर उन्होंने अपने पति की मृत्यु के बाद छह बच्चों के लिए बाई का काम किया. कुछ साल पहले ही उन्होंने अपनी बेटी से पढ़ने की सीख ली है. उस वक्त अम्मा की बेटी ने दसवीं की परीक्षा पास की थी. तस्वीर: पीटीआई
केरल सरकार ने 'अक्षरलक्ष्मण' साक्षरता प्रोजक्ट को स्वतंत्र दिवस के मौके पर शुरू किया था. इसे राज्य की 2086 मान्यता प्राप्त शिक्षण केंद्रों से चलाया जा रहा है. इससे पहले ट्रायल के तौर केरल के 21,908 वार्डों पर सर्वे किया गया जहां सफल होने के बाद इसकी शुरुआत की गई. तस्वीर: पीटीआई
कार्तियानी अम्मा का सपना है कि जब वो 100 साल की हो जाए तो दसवीं के बराबर का एग्जाम दे पाएं. आपको बता दें कि वैसे तो अम्मा शाकाहारी हैं. इसके साथ ही वो सुबह चार बजे उठ जाती हैं. अम्मा दावा करती हैं कि वो आंखों की सर्जरी के अलावा कभी भी अस्पताल नहीं गई हैं. तस्वीर: पीटीआई
केरल के अल्पपुज़हा जिले में 96 साल की कार्तियानी अम्मा ने राज्यभर में चल रही साक्षरता मिशन के तहत 'अक्षरालक्ष्मण' परीक्षा को पास किया है. उन्होंने ऐसा कर दिखा दिया कि पढ़ने लिखने की कोई उम्र नहीं होती हैं. उन्होंने 100 में से 98 अंक लाकर नया कीर्तिमान दर्ज किया है. बता दें कि अम्मा केरल के अल्पपुज़हा जिले की रहने वाली हैं. तस्वीर: पीटीआई
यह एग्जाम तीन विषयों पर ज्यादा फोक्सड था जिसमें पढ़ना, लिखना और गणित शामिल थे. इसी के साथ कार्तियानी अम्मा ने लिखने में 40 में से 38 अंक मिले हैं, पढ़ने और गणित में अम्मा को शत-प्रतिशत अंक प्राप्त हुए. इसी के चलते जब अम्मा से मीडिया ने पूछा कि आप का एग्जाम कैसा रहा तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा, जिन प्रश्नों को मैंने तैयार किया था वो तो पूछा ही नहीं गया. साथ ही यह टेस्ट मेरे लिए काफी आसान था. तस्वीर: एएनआई
उनकी इस उपलब्धि के लिए खुद राज्य के सीएम पिनराई विजयन ने उन्हें सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया. तस्वीर: एएनआई