जम्मू-कश्मीर: खतरे के निशान से ऊपर बह रही है झेलम नदी, बाढ़ का अलर्ट जारी
साथ ही प्रशासन ने निचले इलाकों और पर्वतीय धाराओं से सटे इलाके में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जल स्रोतों के समीप नहीं जाने को कहा गया है. (तस्वीर: एएनआई)
जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर से बाढ़ के हालात पैदा हो गए है. पिछले तीन दिन से हो रही बारिश से श्रीनगर, अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम और अन्य जगहों के कई निचले इलाकों में लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. वहीं भीड़-भाड़ वाले आवासीय क्षेत्रों में बारिश का पानी जमा हो गया है. (तस्वीर: एएनआई)
इसके चलते झेलम नदी का पानी खतरे का निशान पार कर गया है. (तस्वीर: एएनआई)
घाटी के सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन स्थापित कर दिया गया है. इन जगहों पर संबंधित जिला मजिस्ट्रेट व्यक्तिगत तौर पर राहत और बचाव तैयारियों में जुटे गए हैं. (तस्वीर: पीटीआई)
कश्मीर में लगातार हो रही बारिश से वहां रह रहे निवासी सहम गए हैं. बता दें कि साल 2014 में भी ऐसी ही बाढ़ आई थी जिसके कारण पूरा कश्मीर त्राही-त्राही हो गया था और बेहद गंभीर हालात पैदा हो गए थे. (तस्वीर: पीटीआई)
प्रशासन ने बीते दिन पूरे जम्मू-कश्मीर में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया है. (तस्वीर: पीटीआई)
यह तस्वीर श्रीनगर की है जहां पानी घुटनो तक भर आया है और इसके कारण निवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. (तस्वीर: पीटीआई)
प्रशासन की ओर से समय रहते उठाए गए कदमों ने शनिवार को दक्षिण कश्मीर के पंपोर शहर को जल मगन होने से बचा लिया. हालांकि कश्मीर घाटी में बाढ़ के हालात अभी गंभीर बने हुए हैं. पुलिस, सड़क और इमारत विभाग और सीमा सड़क संगठन के कर्मियों ने पंपोर इलाके में झेलम नदी के तटबंध में एक दरार को भर कर शहर को बचा लिया. (तस्वीर: पीटीआई)