मैंने मान लिया है कि छोटे फॉर्मेट का गेंदबाज नहीं हूं: इशांत
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने अनुभव साझा कर रहा हूं और उम्मीद है जिससे मुझे फायदा पहुंचा उससे उन्हें भी पहुंचेगा. लेकिन उन्हें भी अपने मजबूत पक्षों की पहचान करनी होगी.’’
इस तेज गेंदबाज ने कहा कि वह उमेश यादव, भुवनेश्वर और शादरुल ठाकुर के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं.
मजबूत पक्षों के बारे में इशांत ने कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी में ये अलग अलग तरह से होते हैं. अब तक 68 टेस्ट मैचों में 201 विकेट लेने वाले इशांत ने कहा, ‘‘भुवी (भुवनेश्वर कुमार) का मजबूत पक्ष स्विंग है लेकिन वह मेरी जैसी उछाल हासिल नहीं कर पाता. इसी तरह से मैं भुवी की तरह गेंद को स्विंग नहीं करा सकता हूं.’’
इशांत ने दो दिवसीय अभ्यास मैच के बाद बीसीसीआई-टीवी से कहा, ‘‘आपको खुद के प्रति ईमानदार होना होगा. इससे आपको चीजों को स्वीकार करने में आसानी रहती है. मैं स्वीकार करता हूं कि मैंने छोटे प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया. लेकिन मैं टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं और इसलिए मैं जानता हूं कि मेरे मजबूत पक्ष क्या हैं. अपने मजबूत पक्षों को समझना महत्वपूर्ण होता है.’’
भारत के तेज गेंदबाज इशांत शर्मा अपनी गेंदबाजी का पूरी ईमानदारी के साथ मंथन करने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि वह लंबी अवधि की क्रिकेट की तरह सीमित ओवरों की क्रिकेट में अधिक प्रभावी नहीं हैं.