सत्ता के संघर्ष की कीमत चुकाती नन्हीं जानें!

तस्वीर में दिख रही चार साल की बच्ची का नाम असल अहमद है.
तब से लेकर अबतक देश के जर्रे-जर्रे ने इसकी कीमत चुकाई है. हालिया तौर पर देश की कमज़ोर सत्ता से ऐसी कोई उम्मीद नहीं है कि वो देश में शांति बहाल कर पाएगी.
सद्दाम को सत्ता से बेदख्ल करने के लिए अमेरिका और पश्चिमी देशों ने इराक पर 13 साल पहले हमला किया था.
इसका खामियाज़ा ऐसी नन्हीं से जानों को भुगतना पड़ रहा है जिनका इससे कोई लेना-देना नहीं है.
ईराकी सरकार और ईरान के शिया मिलिशिया के बीच ईराक की सत्ता को लेकर लड़ाई चल रही है.
लेकिन ईद के मौके पर हुए इस धमाके को सबसे बड़ा धमाका बताया जा रहा है.
13 साल से युद्ध और गृहयुद्ध की मार झेल रहे ईराक में ऐसे कई धमाके हुए हैं.
ईद के मौके पर बाज़ार से सामान लाने निकली असल और उसकी मां का शरीर धमाके से बुरी तरह झुलस गया.
असल के पिता जहां उसे लेकर खड़े हैं, वहीं पर एक ट्रक में रखे विस्फोटक से ये आत्मघाती हमला किया गया था.
तस्वीर में दिख रही चार साल की बच्ची का नाम असल अहमद है.
असल के चेहरे का ये हाल बीते 9 जुलाई को ईराक में हुए आत्मघाती हमले की वजह से हुआ है.