भारत ने 18 बुलेट ट्रेन के लिए जापान से सात हजार करोड़ रुपये कर्ज लिए
भारत सरकार ने जापानीज अंतरराष्ट्रीय कोपरेशन एजेंसी से फंड भी प्राप्त कर लिया है. एजेंसी ने भारत को सॉफ्ट लोन के जरिए 88 हजार करोड़ रुपये 50 साल की लीज़ पर सिर्फ 1 फीसदी इंटरेस्ट रेट के साथ दिया है. जिस दिन से लोन दिया गया है उससे 15 साल बाद लोन को चुकाना भी होगा. तस्वीर: ट्विटर
भारतीय रेलवे के साथ बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट अगले साल जनवरी से शुरु हो जाएगा. इसके लिए साल 2018 के आखिर तक जमीनों का अधिग्रहण भी कर लिया जाएगा. बुलेट ट्रेन के पहले रूट पर करीब 12 स्टेशन होंगे जिसका आधे से ज्यादा यानी 350 किलोमीटर हिस्सा गुजरात में होगा और बचा हुआ 150 किलोमीटर महाराष्ट्र में रहेगा. तस्वीर: ट्विटर
मुंबई-अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन में 18 हजार यात्री सफर कर सकेंगे और इसकी इकोनॉमी क्लास का किराया तीन हजार रूपये रहने वाला है. बता दें कि इस ट्रेन में हवाई जहाज़ की तरह ही फर्स्ट क्लास भी रहेगा. तस्वीर: ट्विटर
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो जापान की कंपनी कावासाकी, हिताची इन बुलेट ट्रेन में अपनी तकनीक दे रही हैं. बताया ये भी जा रहा है कि भारतीय रेलवे ने पीपीपी मॉडल के चलते भारत में बुलेट ट्रेन के कलपुर्जों को जोड़ना शुरू कर दिया है. इससे भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा. तस्वीर: ट्विटर
जापान की बुलेट ट्रेनों को दुनिया भर में सबसे ज़्यादा सुरक्षित माना जाता है. इसके चलते जापान के निर्माता भी भारत की हाई-स्पीड ट्रेन के टेंडर में शामिल होंगे. तस्वीर: ट्विटर
देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच 2022 के आखिर में शुरू होने वाली है. इसका रूट 508 किलोमीटर तक रहेगा और यह प्रोजेक्ट जापान की मदद से पूरा किया जाएगा. तस्वीर: ट्विटर
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो भारत ने जापान से डील के तहत 18 बुलेट ट्रेन के लिए सात हजार करोड़ लिए हैं. इस डील में स्थानीय तकनीकी का ट्रांसफर भी शामिल है. तस्वीर: ट्विटर