In Depth: भारत की देविका ने सुलझाई जानलेवा जीका वायरस की गुत्थी!
इस संस्थान की प्रधानाचार्य डॉ रितु दीवान कहती हैं, ‘‘देविका की सफलता गौरवान्वित करने वाली है. हम सबको उसका बेसब्री से इंतजार है.’’
आपको बता दें कि जीका वायरस की गुत्थी सुलझाने वाले दल में शामिल यूपी की छात्रा देविका सिरोही भी शामिल हैं. मेरठ निवासी देविका सिरोही ने इस अभियान में अहम भूमिका निभाई है.
खबरों की मानें तो पहले देविका को परड्यू यूनिवर्सिटी की ओर से डेंगू वायरस पर शोध के लिए चुना गया और इस शोध के दौरान ही उनकी टीम को जिका की संरचना की खोज में लगा दिया गया.
डॉ रीना के अनुसार, डांसिंग, कुकिंग, एक्टिंग और स्केटिंग में माहिर देविका ने 10 वीं कक्षा मेरठ के सोफिया गर्ल्स स्कूल और 12 वीं क्लास दयावती मोदी एकेडमी से पास की थी.
वर्तमान में वह पिछले पांच साल से अमेरिकी यूनिवर्सिटी परड्यू में शोध कर रही है. शोध इस साल पूरा होना है.
आपको बता दें कि देविका ने दयावती मोदी एकेडमी से 12 वीं कक्षा पास की है.
इसके बाद देविका ने वेंकेटेश्वर कॉलेज, दिल्ली विवि से बीएससी (बायो केमिस्ट्री, ऑनर्स) एमएससी (तीन वर्षीय रिसर्च फेलोशिप) टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआइएफआर) संस्थानों में पढाई की है.
देविका सिरोही के पिता पैथोलोजिस्ट डॉ एस एस सिरोही और मां डॉ रीना सिरोही अपनी बेटी की सफलता पर फूले नही समा रहे हैं.
मां रीना सिरोही बताती हैं कि देविका की लगन ने ही उसे सफलता दिलाई है.
जिका वायरस की गुत्थी सफलतापूर्वक सुलझाने वाले अमेरिकी दल में शामिल देविका सिरोही के घर पर बधाइयों का तांता लगा है और मेरठवासी उसके वापस लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. जानें कौन हैं देविका सिरोही?