World Quietest Room: यह है दुनिया का सबसे शांत कमरा, जहां इंसान सुन सकता है अपनी ही धड़कन
दुनिया में इस सबसे शांत कमरे को एनेकोइक चैम्बर कहा जाता है. जिसे माइक्रोसॉफ्ट ने अमेरिका के वॉशिंगटन स्थित अपने मुख्यालय रेडमंड में बनाया है.
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के अनुसार यह कमरा -20.35 डेसिबल तक की नकारात्मक ध्वनि स्तर तक शांत है. तुलना के लिए समझिए कि एक सामान्य कमरे में शांति का स्तर लगभग 30 डेसिबल होता है, जबकि रात में सुनाई देने वाली हल्की फुसफुसाहट 20 डेसिबल तक होती है.
लेकिन माइक्रोसॉफ्ट का यह कमरा इंसानी कान से भी ज्यादा शांत है. इस कमरे को खास तकनीक से डिजाइन किया गया है. इसके अंदर दीवारों, छत और फर्श पर आवाज सोखने वाले विशेष फाइबर और फोम के पिरामिडनुमा स्ट्रक्चर लगाए गए हैं.
कमरा पूरी तरह से सील किया गया है, ताकि बाहर की कोई भी आवाज अंदर न जा सके. इसके अलावा फर्श पर स्टील के तारों की जाली लगाई गई है जिस पर लोग खड़े होते हैं, जिससे नीचे की सतह भी ध्वनि को अवशोषित कर लेती है.
माइक्रोसॉफ्ट ने इसे मुख्य रूप से अपने ऑडियो प्रोडक्ट्स की टेस्टिंग के लिए तैयार किया. यहां हेडफोन, माइक्रोफोन, स्पीकर और कॉलिंग डिवाइस की आवाज को परखा जाता है.
इतना ही नहीं, यहां यह भी देखा जाता है कि कोई डिवाइस कितनी शुद्ध और प्राकृतिक ध्वनि पैदा कर सकता है.
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस कमरे में ज्यादा देर तक रहना आसान नहीं है. कुछ ही मिनटों में लोग बेचैनी, चक्कर और घबराहट महसूस करने लगते हैं. दरअसल, जब बाहरी आवाज बिल्कुल बंद हो जाती है, तो हमारा दिमाग अपने शरीर के भीतर की आवाजें पकड़ने लगता है. लोगों ने यहां तक बताया कि उन्हें अपने जोड़ों के हिलने, पेट के पचने और खून के बहने तक की आवाजें सुनाई देने लगीं.