क्या दिव्यांग भी कर सकते हैं अंतरिक्ष की यात्रा, कौन होगा दुनिया का पहला पैरा-एस्ट्रोनॉट
ऐसे में हमारा सवाल यह है कि क्या एक फिट व्यक्ति ही अंतरिक्ष की यात्रा कर सकता है? या कोई दिव्यांग भी स्पेस में ट्रैवल कर सकता है और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में रह सकता है? चलिए जानते हैं इसका जवाब.
आमतौर पर यह माना जाता है कि एक अंतरिक्ष यात्री को पूरी तरह फिट और स्वस्थ्य होना चाहिए. हालांकि, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) ने इस सोच को बदल दिया है. उन्होंने एस्ट्रोनॉट की तरह ही पैरा-एस्ट्रोनॉट शब्द बनाया है. यह ऐसे अंतरिक्ष यात्रियों के लिए प्रयोग होगा, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग होंगे.
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने न केवल पैरा एस्ट्रोनॉट शब्द बनाया, बल्कि इसके लिए एक मिशन भी तैयार किया है. इस मिशन के लिए विकलांग अंतरिक्ष यात्रियों को चुना गया है.
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने हाल ही में घोषणा की है कि शारीरिक रूप से अक्षम पहले अंतरिक्ष यात्री को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए मंजूरी मिल गई है.
दुनिया के पहले पैरा एस्ट्रोनॉट 43 साल के ब्रिटिश सर्जन व पूर्व पैरालिंपियन जॉन मैकलॉप होंगे. उन्होंने 19 साल की आयु में एक सड़क दुर्घटना में अपना एक पैर खो दिया था.