क्या अमेजन जंगल कटने से बदल जाएगा पूरी दुनिया का मौसम, क्या होगा बदलाव?

Amazon Rainforest: अमेजन के वर्षावनों को अक्सर पृथ्वी के फेफड़े कहा जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि वैश्विक पर्यावरण में उनकी काफी बड़ी भूमिका है. लेकिन ऐसा कहा जाता है कि अगर अमेजन के जंगल काट दिए जाएं तो उसका पूरी पृथ्वी पर काफी बुरा असर पड़ेगा. आइए जानते हैं कि पृथ्वी पर कैसे बदलाव देखने को मिलेंगे.
अमेजन अपनी वनस्पति और मिट्टी में लगभग 80 अरब टन कार्बन जमा करके रखता है. जब जंगलों को काटा या फिर जलाया जाता है तो इस कार्बन का एक बड़ा हिस्सा कार्बन डाइऑक्साइड के रूप में वायुमंडल में जा सकता है. इससे ग्रीनहाउस गैस की मात्रा बढ़ती है और ग्लोबल वार्मिंग में योगदान मिलता है.
वैज्ञानिकों ने इस बात की चेतावनी दी है कि जंगलों के लगातार नुकसान से अमेजन के कुछ हिस्से एक ऐसे मोड़ पर पहुंच सकते हैं जहां पर इकोसिस्टम को बनाए रखना काफी मुश्किल हो जाएगा. बड़े पैमाने पर जंगलों के कटाई से बारिश कम हो सकती है और धीरे-धीरे वर्षावन के कुछ हिस्से सूखे परिदृश्य में बदल सकते हैं.
अमेजन वाष्पीकरण और बारिश के जरिए नमी को रिसाइकल करने में बड़ी भूमिका निभाता है. इसके पेड़ वायुमंडल में भारी मात्रा में जलवाष्प छोड़ते हैं. बड़े पैमाने पर जंगलों में नुकसान से यह है नमी चक्र कमजोर हो सकता है.
जंगल की कटाई से वायुमंडलीय नमी में बदलाव के परिणाम दक्षिण अमेरिका से आगे तक हो सकते हैं. बड़े पैमाने पर जलवायु प्रणाली में रुकावट दुनिया के दूसरे हिस्सों में बारिश और मानसून पैटर्न को प्रभावित कर सकती है. इससे एशिया और यूरोप जैसे क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं.
जैसे-जैसे वर्षा वन में पेड़ कम होते हैं नमी का रीसाइकलिंग कम होने से लंबे और ज्यादा तीव्र सूखे के दौर आ सकते हैं. गंभीर सूखे से कृषि, पानी की आपूर्ति और पारिस्थितिकी तंत्र पर और भी ज्यादा दबाव पड़ सकता है.
जलवायु प्रणाली में अमेजन की भूमिका में बड़ी रुकावट से मौसम की चरम स्थिति में बढ़ोतरी हो सकती है. कुछ क्षेत्रों में लंबे समय तक सूखा पड़ सकता है और कई क्षेत्रों में भारी बारिश और बाढ़ आ सकती है.
अमेजन दुनिया की 30% से ज्यादा पशु और पौधों की प्रजातियों का घर है. यह इसे पृथ्वी का सबसे जरूरी जैव विविधता हॉटस्पॉट में से एक बनाता है.
अमेजन पृथ्वी के कार्बन और जल चक्र में बड़ी भूमिका निभाता है और फोटोसिंथेसिस के जरिए दुनिया भर में ऑक्सीजन के उत्पादन में इसका बड़ा योगदान है.