✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो

रात में पीपल के पेड़ के नीचे क्यों नहीं सोना चाहिए, क्या वहां सच में होती है चुड़ैल?

स्पर्श गोयल   |  08 Oct 2026 06:48 PM (IST)
रात में पीपल के पेड़ के नीचे क्यों नहीं सोना चाहिए, क्या वहां सच में होती है चुड़ैल?

Peepal Tree Myths: पीपल के पेड़ के बारे में लंबे समय से भूत प्रेत और चुड़ैलों की कहानियां मशहूर रही हैं. ऐसा कहा जाता है कि पीपल के पेड़ के नीचे रात में सोना नहीं चाहिए. हालांकि इन मान्यताओं का कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है. तो आइए ऐसा क्यों कहा जाता है की रात में इस पेड़ के नीचे नहीं सोना चाहिए और क्या सच में इस पेड़ पर भूत और चुड़ैल होती हैं.

1

पेड़ सूरज की रोशनी में फोटोसिंथेसिस करते हैं लेकिन सूरज ढलने के बाद यह प्रक्रिया रुक जाती है. रात में पेड़ रेस्पिरेशन जारी रखते हैं. इसमें वे ऑक्सीजन का इस्तेमाल करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं.

Continues below advertisement
2

एक बड़े पीपल के पेड़ में काफी घनी पत्तियां हो सकती हैं. यह पेड़ के घेरे के नीचे हवा के बहाव को कम कर देती हैं. इस वजह से तने के काफी करीब सोने वाले व्यक्ति को बेचैनी या फिर भारीपन महसूस हो सकता है.

Continues below advertisement
3

रेस्पिरेशन से निकलने वाले कार्बन डाइऑक्साइड कुछ स्थिति में एक जगह जमा हो सकती है. ऐसा बंद या फिर कम हवादार जगह पर होता है. हालांकि बाहर मौजूद पीपल का पेड़ आमतौर पर सिर्फ इस वजह से ऑक्सीजन की खतरनाक कमी पैदा नहीं करता क्योंकि रात हो गई है.

4

पुराने पेड़ कीड़े मकोड़े, चमगादड़ों और दूसरे जानवरों को पनाह दे सकते हैं. रात में कुछ जीव काफी ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं जिससे पेड़ के ठीक नीचे सोना सुरक्षा का जोखिम बन जाता है.

5

सूखी टहनियों और शाखाएं अचानक गिर सकती हैं. खासकर तेज हवा या फिर तूफान के दौरान. अंधेरे में बाहर सोने वाले व्यक्ति के लिए ऐसे खतरों को भांपना मुश्किल होता है.

6

पुराने समय में लोगों ने रात में होने वाली बेचैनी, डर या फिर जानवरों से सामना होने जैसी घटनाओं को अलौकिक कहानियों के जरिए से समझाया होगा. ऐसी मान्यताओं ने बच्चों और दूसरे लोगों को अंधेरा होने के बाद संभावित रूप से खतरनाक जगहों से दूर रखने में मदद की.

7

पीपल के पेड़ के नीचे सोने के बारे में दी गई चेतावनी को अलौकिक गतिविधि के प्रमाण के बजाय एक पारंपरिक सुरक्षा सावधानी के रूप में बेहतर ढंग से समझा जा सकता है.

8

ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि पीपल के पेड़ के नीचे चुड़ैल या फिर भूत रहते हैं. ऐसी कहानी शायद इस वजह से बनाई गई थी ताकि लोगों को रात में बड़े पेड़ के नीचे बाहर सोने से रोका जा सके.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • जनरल नॉलेज
  • रात में पीपल के पेड़ के नीचे क्यों नहीं सोना चाहिए, क्या वहां सच में होती है चुड़ैल?
Continues below advertisement
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.