बॉस संग जाम छलकाकर शाम रंगीन करने पर ही मिलती है वफादारी की रेटिंग, किस देश में है यह नियम?

दुनियाभर में कर्मचारियों के काम करने के अंदाज को अलग अलग तरीके से देखा जाता है. कहीं उनके काम के घंटे नापे जाते हैं तो कहीं टारगेट के जरिए क्षमता का आंकलन किया जाता है. लेकिन दुनिया में एक ऐसा देश भी है, जहां वफादारी साबित करने का पैमाना मेहनत से काम नहीं बल्कि बॉस के साथ जाम है. यहां कॉरपोरेट वफादारी दफ्तर के चारदीवारी के अंदर नहीं बल्कि पब और बार की मेज पर दारू के गिलास के साथ मापी जाती है. अगर यहां आपको नौकरी में तरक्की चाहिए या बॉस का चहेता बनना है तो ऑफिस के बाद उनके साथ गिलास जरूर खनकाइए. आइए इस देश के बारी जानें.
हम जिस देश की बात कर रहे हैं वो कोई और नहीं बल्कि जापान है. यहां रातों में चलते हुए लोगों के हाथोए शराब के गिलास या बीयर के कैन दिखना आम है. भारत समेत दुनिया के कई देशों में अगर आपने सार्वजनिक तौर पर शराब पी तो आपको हवालात की सैर करने का मौका मिल सकता है,लेकिन जापान में ऐसा बिल्कुल नहीं है.
वहां आप सड़क, पार्क या किसी भी सार्वजनिक स्थल पर बैठकर सुकून से दारू के मजे ले सकते हैं. यहां के कन्विनियंस स्टोर से चौबीस घंटे शराब खरीदी जा सकती है और इसके मजे लिये जा सकते हैं.
जापान में वसंत के दौरान शराब पीने की आजादी चरम पर पहुंच जाती है. इस दौरान हजारों की संख्या में लोग वोदका से लेकर स्कॉच तक का लुत्फ उठाते हैं.
इस आजादी के कुछ नियम भी हैं, जहां ड्रिंक के वक्त जोर से हंसना, कचरा फैलाना बेहद असभ्य माना जाता है. प्रशासन उम्मीद करता है कि यहां लोग शांति और जिम्मेदारी के साथ पिएं. लोकल ट्रेन में पीना मना है, लेकिन बुलेट ट्रेन में इसकी छूट है.
जापान में हैरान करने वाला कॉर्पोरेट कल्चर है, जहां सहकर्मियों का बॉस के साथ इजाकाया यानी जापानी पारंपरिक पब में नौकरी का एक अघोषित हिस्सा माना जाता है. पब की इन मेजों पर दफ्तर का कड़ा अनुशासन कम हो जाता है.
यहां कर्मचारी अपने बॉस के साथ खुलकर बात कर पाते हैं. यहां बॉस के साथ बैठकर जाम छलकाने को कंपनी और बॉस के साथ वफादारी का सबूत माना जाता है. इसीलिए यहां ज्यादातर लोग तरक्की पाने के लिए बॉस के साथ शाम रंगीन करते हैं.
जापान के दफ्तरों में अगर बॉस काम के बाद आपको ड्रिंक्स के लिए ऑफर करते हैं तो उस आमंत्रण को ठुकराना अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने के बराबर है. यहां पार्टियां भी बहुत लंबी चलती हैं.
हालांकि अब जापान की नई और युवा पीढ़ी पुराने दस्तूर को चुनौती दे रही है और वे पर्सनल लाइफ व प्रोफेशनल लाइफ को अलग रखना पसंद कर रहे हैं. लेकिन इसके बाद भी जापान के बिजनेस वर्ल्ड में यह वफादारी टेस्ट हावी है.